
हृदयभूमि हरदा।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किसानों के कर्ज पर ब्याज माफी किए जाने के बावजूद सहकारी समितियों की मनमानी से अनेक हितग्राहियों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। उन्हें दिए गए खाद-बीज के कर्ज पर समितियों ने ब्याज वसूल कर लिया। जबकि इसका पैसा शासन से आ चुका है।
मंगलवार को स्थानीय जिला पंचायत के सभाकक्ष में हुई जनसुनवाई दौरान एक ऐसा ही मामला सामने आया है। इस दौरान समिति से पीड़ित ग्राम पलासनेर निवासी अर्जुन पिता जगदीशप्रसाद ने बताया कि उसके पिता जगदीश प्रसाद आत्मज बाबूलाल द्वारा पूर्व में सोसायटी से खाद लिया गया था जिसका कुछ पैसा बाकी था। यह राशि समिति ने उनके पुत्र अर्जुन सिंह के खाते से काटकर ली थी। इसके बाद मुख्यमंत्री द्वारा ब्याज माफ कर दिया जिसका आवेदक को प्रमाण पत्र को देकर फोटो भी ली थी। फोटो लेने के बाद उक्त समिति ने प्रमाण पत्र सोसायटी मे ही रख लिया। एक वर्ष होने के बाद अभी भी सोसायटी द्वारा ब्याज का पैसा वापस नहीं दिया जा रहा है।
इनका कहना है –
इधर समिति प्रबंधक का कहना है कि हितग्राही जगदीश प्रसाद ने अपना वारिश पत्नी को बनाया है। हमारी समिति ने 28 लोगों को ब्याज माफी का लाभ दिया है। यहां ऐसे चार-पांच मामले हैं जिनमें वारिश बनाए गए हैं। हमने इनके प्रकरण बनाकर उच्च स्तर पर भेजे हैं। आवेदक अर्जुन ने जो ऋणमाफी प्रमाण पत्र समिति द्वारा अपने पास रखने की बात कही है वह पूरी तरह मिथ्या है।
