
हरदा। शासकीय विभागों में पदस्थ अधिकारियों, कर्मचारियों की गोपनीय सीआर बनाई जाती है। इसके आधार पर उन्हें विभागीय पदोन्नति आदि मिलती है, या इसमें रोक लग जाती है। यह सीआर पूरी तरह गोपनीय थी। इस बारे में मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग के उपसचिव गिरीश शर्मा द्वारा जारी एक परिपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते। मगर गत 5 जुलाई 2016 में जारी इस परिपत्र में “प्रथम श्रेणी के गोपनीय प्रतिवेदन प्रतिवर्ष लिखे जाने उपरांत उन्हें प्रकटित करने तथा द्वितीय, तृतीय श्रेणी के शासकीय सेवकों द्वारा चाहे जाने पर उनकी वार्षिक गोपनीय चरित्रावली उपलब्ध कराने के निर्देश हैं।” इसमें निर्णय लिया है कि जिन द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी के शासकीय सेवकों के गोपनीय प्रतिवेदन ऑनलाईन हो चुके हैं। उन्हें प्रतिवर्ष गोपनीय प्रतिवेदन लिखे जाने के उपरांत प्रकटित किया जाए। शेष द्वितीय एवं तृतीय श्रेणी सेवकों के लिए चाहे जाने पर उपलब्ध कराया जाए।
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