January 22, 2026 |

घंटा बजा : खेद जता दिया, मगर जिम्मेदारी का क्या ?

10 साल से मध्यप्रदेश और इंदौर में है केसरिया राज

Hriday Bhoomi 24

प्रदीप शर्मा, हृदयभूमि।

घंटा बजा तो नेताजी ने खेद जताया कि वे इंदौर के भागीरथपुरा में हुई लगभग सवा दर्जन मौत के सदमे से नहीं उबरे थे। इसलिए मीडिया के सामने सही शब्दों (तमीज) से पेश नहीं हुए।

तो क्या हुआ-

इसके बाद मीडिया जगत की हलचलें तेज होने और राजनीतिक गतिविधि बढ़ने पद साहब जी का मिजाज ठीक तो हुआ। किंतु महोदय ने बयान में सिर्फ खेद ही ज्ञापित कर मासूम सा जवाब दिया कि यहां हुई मौतों से वे कुछ विचलित थे।

वादे न भूले सरकार-

बहरहाल इन सवालों को छोड़ दें तो भी वर्तमान प्रदेश सरकार अपनी उन जिम्मेदारियों से नहीं मुकर सकती, जिसका कि उनकी पार्टी और नेताओं ने खूब ढिंढोरा पीटकर देश के नागरिकों को शुद्ध पेयजल पिलाने का वादा किया था। 

6 वर्ष से दफन थी पीसीबी की रिपोर्ट फिर ऐसा क्या हुआ कि एक दशक से इनकी प्रदेश व केंद्र सरकार सहित नगरनिगम पाल्युशन कंट्रोल बोर्ड (पीसीबी) की उस जांच रिपोर्ट पर क्यों ध्यान नहीं दे पाई जिसमें साफ चेतावनी देकर इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में 60 में से 59 इलाके में दूषित पानी होने संबंधी जानकारी दी थी।

जिम्मेदारी से न मुकरें-

सरकार के प्रतिनिधि फिर चाहे वह मंत्री हों या संत्री उन्हें जनता के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए क्योंकि यह व्यवस्था और सिस्टम उसीके टैक्स की दम पर चलता है। 

 


Hriday Bhoomi 24

हमारी एंड्राइड न्यूज़ एप्प डाउनलोड करें

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Leave A Reply

Your email address will not be published.

Verified by MonsterInsights