
हरदा/हंडिया। प्रदेश सरकार द्वारा पावन शहरों और नर्मदा तट के पांच किलोमीटर दायरे में शराब की बिक्री को पूर्णतया प्रतिबंधित किया है। मगर यहां शौकीनों की सुविधा हेतु ठेकेदार द्वारा बिक्री के पूरे इंतजाम कराए गए हैं। इससे सुराप्रेमियों को दारू के लिए जिला मुख्यालय तक जाने की भागदौड़ नहीं करनी पड़ती। जानकारी के अनुसार मांगरूल रोड पर मात्र दो किलोमीटर दूर बनी एक छपरी में हर ब्रांड की शराब बोतलें बिकने को तैयार हैं, बस पास से कुछ पैसा ज्यादा खर्च करना पड़ता है। गत दिवस मीडिया के प्रतिनिधियों ने वहां
पहुंचकर इसकी पुष्टि की है। यहां शराब माफिया के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि कोई भी नर्मदा क्षेत्र में इस शराब बिक्री का विरोध नहीं करता। सुराप्रेमियों के मुताबिक यहां देशी का सफेद प्लेन या लाल सहित हर वैरायटी की अंग्रेजी शराब आसानी से मिल जाती है। इसके लिए उन्हें कहीं भाग-दौड़ नहीं करना पड़ता। लोगों का कहना है कि इस बारे में आबकारी विभाग के अधिकारियों को अच्छे से पता है। मगर ठेकेदार से कथित मिलीभगत होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं होती। ध्यान रहे कि इसी कारण शराब माफिया द्वारा गांव-गांव जाकर अपने एजेंटों से महंगे दाम पर शराब की अवैध बिक्री कराई जाती है। बस कभी-कभार दिखावे के लिए छोटी-मोटी जप्ती कर खानापूर्ति कर ली जाती है। यही वजह है कि अब शराब माफिया ने अपने पांव पसारकर पवित्र नगरी हंडिया के समीप अपनी अनधिकृत शाॅपिंग शुरू कर दी है। कोई इसका विरोध न होने से यह कारोबार बेखटके चल रहा है।