हरदा के दुलिया में हर्बल औषधि उत्पादन का नया स्टार्ट-अप
डाॅ. अंकुर पारे औषधि उद्यम से मिलेंगी दिशाएं।
हृदयभूमि स्पेशल

बीते कुछ वर्षों से हरदा जिले के ग्राम दुलिया में डाॅक्टर अंबर पारे नेचुरोपैथी सेंटर के 4 अलग-अलग विंग्स प्राकृतिक चिकित्सा व हर्बल औषधि क्षेत्र में बड़ा कार्य कर रहीं हैं। इसमें डाॅ. पारे जहां हमारी प्राचीन चिकित्सा पद्धति को वैश्विक पहचान दिलाने में सक्रिय हैं। वहीं उनके अग्रज डाॅक्टर अंकुर पारे हर्बल औषधियों को बचाने और उन्हें अधिक गुणकारी बनाने के लिए कार्यरत हैं। हाल ही उन्होंने सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय से ग्रामीण औद्योगिकी क्षेत्र में संस्था का पंजीयन (UDYAM-MP-21-0003399) कराकर प्रारंभिक कार्य शुरू किया है। यह एक अत्यंत महत्वाकांक्षी कार्य योजना है। इस पर भोपाल के डॉक्टर अंकुर पारे विशेष कार्य कर रहे हैं। इस संस्था के माध्यम से खोजी गई अनेक हर्बल औषधियों का पैटेंट कराकर राष्ट्रीय स्तर पर जन स्वास्थ्य हेतु सामने लाया जाएगा।
डाॅक्टर अंकुर पारे ने बताया कि बाजार में जो हर्बल औषधियां मिल रहीं हैं, वे इतनी कारगर क्यों नहीं हो पा रही। जब हमने इसका सूक्ष्म अवलोकन किया तो बता चला कि जिन वनस्पतियों से ये तैयार हो रहीं हैं उसमें रासायनिक खाद का अधिक इस्तेमाल हो रहा है। यह देखकर हमने दुलिया में डेढ़ एकड़ भूमि में छोटे पैमाने पर जैविक ढंग से इन वनस्पतियों का उत्पादन शुरू किया जिसे बढ़ाकर अब चार एकड़ कर दिया है। इससे हमारी संस्था हर्बल औषधियां बना रही हैं। इनके परिणाम भी अच्छे आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि ऐसी अनेक औषधियां हैं जिनकी वनस्पति हिमालय आदि के आसपास ठंडे प्रदेशों में होती हैं। हम दुलिया में इन्हें वही वातावरण कृत्रिम ढंग से देकर उपजा रहे हैं। वहीं कुछ किसानों के मसनगांव व इसके आसपास अश्वगंधा आदि लगाने की जानकारी मिली है। ऐसी उपज का यहां बाजार उपलब्ध न होने से ये लुप्त न हो जाए। हमारी सूक्ष्म, लघु और मध्यम एंटरप्रायजेज में पंजीकृत नई संस्था इन्हें प्रोत्साहित कर उपज से दवाएं तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि हम इन कार्यों में देश, प्रदेश और ग्रामों की क्रीम एजुकेटेड युवा पीढ़ी और किसानों को साथ लेकर कार्य करेंगे। इससे निकट समय में युवाओं के लिए बड़े रोजगार का हब मिलेगा।
जमुना प्रसाद हर्बल फार्मेसी
ज्ञात रहे कि डॉ. अम्बर पारे के आध्यात्मिक गुरु सिद्ध संत परम श्रद्धेय पंडित जमुना प्रसाद चतुर्वेदी जी के नाम से स्थापित जमुना प्रसाद हर्बल फार्मेसी (रजिस्ट्रेशन नंबर : MP/25D/22/987) प्राचीन आयुर्वेदिक पद्धति से 100% हर्बल दवाइयों का निर्माण किया जाता है। जमुना प्रसाद हर्बल फार्मेसी एक मैन्युफैक्चरिंग फार्मेसी है। इसके साथ डॉ.अम्बर पारे अल्टरनेटिव मेडिसिन लैबोरेट्री में अल्टरनेटिव मेडिसिन का विकास किया जाता है। इस तरह इन तीनों संस्था के साथ अब डाॅक्टर अंकुर पारे द्वारा निर्मित चौथी संस्था हर्बल औषधि उत्पादन में बड़ा कार्य करने वाली है।

इससे कई लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा और अधिक गुणवत्तापूर्ण दवाइयों का निर्माण होगा। संस्था की ऐसी अनेकानेक योजनाएं पाईप लाईन में हैं जो युवा पीढ़ी को काम देकर उन्हें सकारात्मक ऊर्जा में लगा कर जनकल्याण के मिशन को पूरा करेगी। आने वाले समय में यह वृहत स्तर पर सामने आएगी। सबसे खास बात यह कि ये चारों संस्थाएं देश, प्रदेश की और खासकर सुशिक्षित ग्रामीण प्रतिभाओं का पलायन रोककर उन्हें बड़ी राह पर ले जा रही है।
