July 23, 2024 |

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उड़ता पंजाब नहीं, उड़ता हरदा., एमडी के साए में युवा पीढ़ी

अवैध ड्रग्स कारोबार का गढ़ बन रहा हरदा

Hriday Bhoomi 24

प्रदीप शर्मा संपादक 

हालिया वर्षों में रिलीज फिल्म *उड़ता पंजाब* ने नशे का शिकार युवा पीढ़ी की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया था, मगर राज्य के  नौकरशाहों और सियासतदानों ने इसका निराकरण करने के स्थान पर फिल्म को बैन कर अपनी खीज निकाली थी। अब समाज के यह चिंताजनक हालात किसी एक राज्य विशेष अथवा मैट्रोसिटी तक नहीं बल्कि हरदा जैसे छोटे जिले के गांवों में भी बन चुके हैं। यदि अभी नहीं चेते तो यह जिला भी अवैध मादक पदार्थ बिक्री का बड़ा हब बन जाएगा।

हरदा जिले में धीरे-धीरे अवैध ड्रग्स का कारोबार भयावह मोड़ ले रहा है। खिरकिया और हरदा के पास कुछ युवाओं से मिली लाखों रुपए की एमडी से पता चलता है कि इसके शौकीनों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। मगर पुलिस एक-दो गिरफ्तारी के बाद अब तक इसके बड़े रैकेट का खुलासा नहीं कर पाई।

क्या है एमडी का नशा 

आपको बता दें कि एमडी नामक (मिथाइल एनीडियोस्की मेथामेटाफाईन) ड्रग्स सिंथेटिक ड्रग है जिसे लैब में तैयार किया जाता है। यह इतना खतरनाक है कि इसकी कुछ मात्रा ज्यादा लेने या अन्य ड्रग्स के साथ संयोजित कर लेने पर यह काफी  जानलेवा हो सकता है। इसकी कुछ ही मात्रा लेने से इसका नशा 6-7 घंटे रहता है। यह इतना महंगा है कि जप्त किए गए मात्र 19 ग्राम ड्रग की कीमत चार लाख रुपए से अधिक आंकी गई। जाहिर है इसके शौकीनों की तादाद उन युवाओं में ज्यादा है जो बड़े घरानों से ताल्लुक रखते हैं।

एमडी नशे से बढ़ेगा क्राईम

ऐसा माना जाता है कि इसकी चपेट में आए युवा इस नशे की खातिर बड़े से बड़ा अपराध भी कर गुजरते हैं। जानकारों का कहना है कि बड़े लोग अपना बड़ा काम कराने की खातिर युवाओं को इसका डोज देकर उल्लू सीधा कर लेते हैं। यह खतरनाक ड्रग इतना महंगा है कि शौकीन लोग इस नशे की खातिर बड़ा अपराध भी कर गुजरें। ऐसे नशे की गिरफ्त में आकर आज हमारी युवा पीढ़ी पतन की ओर अग्रसर दिखाई देती है।

कहां से आती है एमडी 

जानकारी के अनुसार एमडी नामक ड्रग्स मियामार से होकर मणिपुर के रास्ते राजस्थान तक यह संपूर्ण देश में पहुंचता है। अब तो यह छोटे-छोटे राज्यों के सुदूर जिलों में ग्रामीणों तक जा पहुंचा है। अभी हरदा में इसके सप्लायर और बड़े विक्रेताओं का तो पता नहीं चला। मगर बताते हैं कि इसके शौकीन लोग जरूरत पड़ने पर कुछेक मात्रा में एक-दूसरे से खरीदी कर लेते हैं। जिन लोगों को पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा था, यदि उनसे पूछताछ की जाती तो शायद बाहर के बड़े रैकेट का खुलासा हो पाता।

कई देशों में प्रतिबंधित 

इस सिंथेटिक ड्रग्स का निर्माण एक शताब्दी पूर्व मैक्सिको में हुआ था। कई सालों तक लोग इसका इस्तेमाल करते रहे मगर 2008 में इजराइल ने इसे बैन कर दिया। बाद के वर्षों में यह ड्रग अन्य देशों और राज्यों में भी प्रतिबंधित कर दी गई। 


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