April 6, 2026 |

जनता के पैसों से लगी विद्युत लाइन किसके इशारे पर गिराई – अभिजीत शाह

इशारों ही इशारों में टिमरनी विधायक ने पूर्व विधायक पर निशाना साधा

Hriday Bhoomi 24

प्रदीप शर्मा हृदयभूमि हरदा

स्थानीय सर्किट हाउस में प्रेस कान्फ्रेंस आयोजित कर टिमरनी विधायक अभिजीत शाह ने अपनी विधानसभा क्षेत्र के 94 वनग्रामों में लगी पुरानी विद्युत लाइन गिराने पर सवालिया निशान लगाते हुए इन ग्रामों के लिए 33 करोड़ रुपए से विद्युत लाइन लगाने की नई योजना का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इससे वनांचल में खेत और गांव की विद्युत व्यवस्था अलग हो जाएगी और गांवों को 3 फेस बिजली पूरे समय मिलेगी।

क्या है वर्तमान स्थिति – 

उन्होंने कहा कि अभी तक प्रदेश सरकारें गांवों में 24 घंटे बिजली देने का दावा करती हैं। मगर वर्तमान समय में खेतों को बिजली देने की शिफ्ट खत्म होने पर गांवों में थ्री-फेस बिजली नहीं मिलती। जो मिल रही है वह सिंगल फेस है। इसमें एक मामूली सा वल्ब भी केवल टिमटिमाता है। 

33 करोड़ की योजना का लाभ – 

श्री शाह ने बताया कि इस योजना के तहत नई विद्युत लाइन खड़ी कर गांवों और खेतों में अलग-अलग बिजली पहुंचाई जाएगी। इससे खेतों में आपूर्ति का समय खत्म होने पर भी गांवों की व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी और यहां पूरे समय थ्री-फेस बिजली मिलती रहेगी। 

किसके इशारे पर गिराई पुरानी लाइन-

श्री शाह ने बताया कि टिमरनी के 94 वनग्रामों में जो विद्युत लाइन थी। उसे बिना अनुमति लिए लगाना बताते हुए वन विभाग ने कुछ अर्से पूर्व गिरवा दिया। उन्होंने कहा कि विद्युत विभाग द्वारा वन विभाग से अनुमति मांगने हेतु लिखा गया पत्र अज्ञात कारणों से फाइलों में ही पड़ा रहा। उन्होंने इस पर सवालिया निशान लगाते हुए इशारों-इशारों में पूर्व विधायक कुं. संजय शाह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गिराई गई लाइन के टूटे तार अब किसी काम के नहीं हैं। यह तार अभी भी रास्ते में और विभाग के परिसर में पड़े हुए हैं। गरीब जनता के धन से बनी इस लाइन का गिराना जनता के धन का दुरुपयोग है।

शिलालेख में गड़बड़ी की आशंका – 

श्री शाह ने कहा कि जिस तरह संपूर्ण प्रशासन भाजपा नेताओं के इशारों पर चल रहा है उससे यह भी आशंका है कि 33 करोड़ की इस योजना के शिलान्यास पत्थर में पूर्व विधायक का नाम भी लिखा जाए। जबकि इसकी मंजूरी से लेकर क्रियान्वयन तक उनकी भूमिका नगण्य है। उन्हें तो यह भी नहीं पता कि वे 94 गांव कौन से हैं जहां के लोग आजादी के बाद से अब तक विद्युत अव्यवस्था का संकट भोग रहे हैं।

18 महीने में होगी साकार

श्री शाह ने अपने क्षेत्रवासियों से कहा कि मात्र 18 महीने में यह लाइन डल जाएगी और लोगों को गांव व खेत की बिजली अलग होने का लाभ मिलने लगेगा। इसमें खेत का शैड्यूल खत्म होने पर भी गांवों को थ्री-फेस बिजली मिलती रहेगी। 

 


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