May 21, 2026 |

इस जमाने में तेरे होठों पे, तबस्सुम की लकीर, तेरा दिल पत्थर का होगा

ये दुनिया ये मेहफिल मेरे काम की नहीं

Hriday Bhoomi 24

प्रदीप शर्मा हृदयभूमि

इस जमाने में तेरे होठों पे, तबस्सुम की लकीर, हंसने वाले तेरा दिल पत्थर का होगा। कहते हैं इस भरी दुनिया में सबसे अच्छे हैं वो दुश्मन, जो कहते हैं तुझे देख लेंगे।

आओ मित्रों मेरे साथ बैठो, कुछ ग़म गलत करो, और कुछ दर्द बांट लो मेरे साथ, वरना यहां कोई एक-दूसरे की कहानी सुनने वाला कोई और कभी नहीं मिलेगा।

याद आई कुछ वो प्रेम कहानी जहां सब मिलकर एक-दूसरे से कहते थे, यार पापा ने रोक दिया, वहीं तो वो दौड़ी चली आती थी/

या कभी दोस्त का यह कहना – ‘किसकी मां ने दूध पिलाया है जो दोस्त पर हाथ उठा दे’। 

मित्रों दोस्ती की आदत बुरी है। इसे पालना दर्द को नहीं दिल को पालना है। पता नहीं ये कब तक धड़के, मगर दर्द तो जिंदा रहेगा। 


Hriday Bhoomi 24

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