April 19, 2026 |

3600 किलोमीटर पैदल चले और पांव में छाले नहीं

समाजसेवा का ऐसा व्रत कि चेहरे की रौनक जाती नहीं

Hriday Bhoomi 24

प्रदीप शर्मा हरदा।

यह कहानी है उस परिवार की जिसे एक बड़ी रवायत में भगवान की तरह पूजा जाता है। 

यहां हरदा जिले के ग्राम गोयत निवासी समाजसेवी नागरिक राजेश पटेल की बड़े घरों में पले-बढ़े ये सुकुमार जब नर्मदा परिक्रमा पर चले तो लगातार 3600 किलोमीटर पैदल, मगर पांवों में एक भी छाला नहीं, और समाजसेवा का व्रत भी ऐसा कि चेहरे कि चेहरे की रौनक जाती नहीं।

बस नाम ही काफी-

समाजसेवा और राजनीति के क्षेत्र में ग्राम गोयत के राजेश पटेल का नाम इस अल्पायु में भी खास है, जो उन्होंने अपने त्याग और तपोबल से पाया है। अपने क्षेत्र के साथ-साथ आसपास भी सभी जरूरतमंद लोगों की मदद करने और उनके दुख-संकट में हरदम तैयार रहने वाले राजेश पटेल, देखते ही देखते कब ऐसे बड़े नेता बन गए कि उन्हें बिना मांगे कांग्रेस पार्टी से विधानसभा चुनाव के लिए टिकट के आफर मिलने लगे। यह अलग बात है कि उन्होंने इसे विनम्रता से अस्वीकार कर निरंतर अपने समाजसेवा का कर्म जारी रखा। 

लौटने की सूचना पर आ गई कांग्रेस की हाईकमान

इस युवा का जलवा ऐसा कि स्वागत करने आए प्रदेश व जिले के सभी मठाधीश। इधर पूरे हरदा जिले सहित आसपास के इलाके ही नहीं बल्कि नईदिल्ली तक से युवा नेताओं की टीम उनका सम्मान करने यहां गोयत आ गई। 

3600 किलोमीटर चले पैदल… 

साढ़े तीन हजार किलोमीटर से अधिक का सफर पैदल तय करने के बाद ‘अनथके’ युवा नेता राजेश पटेल ने इस विलक्षण नर्मदा परिक्रमा यात्रा पर कहा कि माई ने उन्हें हर घड़ी पूरी तरह साथ दिया है। बस नर्मदा मैया की यही पुकार है कि इसके किनारों पर गंदगी न मचाएं/ यह कुंआरी नदी रेवा है इसके तटों को पूरी तरह साफ-सुथरा बनाए रखें। यह हम सभी की जीवनदायिनी है। 

 

 


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