
हृदयभूमि, हरदा/
जिले के ग्राम गोंदागाव स्थित प्राचीन श्री गंगेश्वरी मठ के पास सात हजार एकड़ जमीन थी, जो धीरे-धीरे सिमटकर आज ढाई सौ एकड़ तक सीमित हो गई है। गोदागांव गंगेश्वरी मठ तीन नदियों नर्मदा, गंजाल और गोमती के संगम स्थल पर स्थित है। मठ के पहले महंत स्वामी अमृतानंद भारती की धूनी आज भी सतत रूप से प्रज्वलित है।
एसडीएम टिमरनी महेश बड़ोले ने बताया कि श्री गंगेश्वरी मठ ग्राम बिरजाखेडी तहसील टिमरनी जो कि लोक न्यास पंजी में क्रमांक 140/72 पर दर्ज है। इस मठ की कुल 270 एकड़ भूमि है। मंदिर ट्रस्ट कार्यकारिणी की बैठक में अध्यक्ष एवं कार्यकारणी द्वारा ट्रस्ट की 270 एकड़ भूमि में से 110 एकड़ भूमि पर किए गये अतिक्रमण को चिन्हांकित करने एवं अतिक्रमण हटाने के लिए कलेक्टर हरदा आदित्य सिंह को आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया। कलेक्टर के निर्देश पर ट्रस्ट के रिकार्ड का परीक्षण किया। एसडीएम टिमरनी श्री बड़ोले ने बताया कि सीमांकन की टीम बनाकर पुलिस बल के साथ अतिक्रमित लगभग 110 एकड़ का चिन्हांकन किया गया और मौके से अतिक्रमण हटा दिया गया है।
मंदिर ट्रस्ट की नवीन कार्यकारिणी गठित –
उन्होने बताया कि गत 2 दिसम्बर को श्री गंगेश्री मठ ग्राम बिरजाखेड़ी की नवीन कार्यकारणी का गठन हुआ। इस ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत विष्णु भारती से मठ की अकेले देखरेख नहीं हो पाने के कारण उन्होने स्वेच्छा से ट्रस्ट की नवीन कार्यसमिति बनायी है, जिसमें विवेक भुस्कुटे टिमरनी को मठ संचालन के लिए अध्यक्ष मनोनीत किया है।
