#शिक्षा : माध्यमिक शिक्षा मंडल की लापरवाही, लाखों विद्यार्थी असमंजस में
छह माह पूर्व जारी नहीं किए सैंपल पैपर

हृदयभूमि स्पेशल –
प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। परीक्षा के जो सैंपल पैपर 6 माह पूर्व जारी होने चाहिए, वह अभी तीन माह पूर्व भी जारी नहीं हुए। इससे लाखों परीक्षार्थी अपने परीक्षा की तैयारी नहीं कर पाएंगे। इस कारण उनका भविष्य अधर में है।
सैंपल पैपर में लापरवाही –
प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं-12वीं परीक्षाओं की तैयारियां तेज कर दी है। मगर इसमें मंडल की बड़ी लापरवाही भी सामने आ रही है। इससे इन परीक्षाओं में शामिल होने वाले लगभग 18 लाख विद्यार्थियों के लिए परेशानी होगी। ज्ञात हो कि एमपी बोर्ड तीन महीने पहले भी सैंपल पेपर जारी नहीं कर सका है, जबकि यह सैंपल पैपर 6 माह पूर्व जारी होने चाहिए।
फरवरी में शुरू होगी वार्षिक परीक्षा –
उल्लेखनीय है कि बोर्ड एग्जाम 25 फरवरी 2025 से शुरु होने जा रहे हैं। परीक्षा में लगभग तीन महीने का समय बचा है। इसस पहले तक दसवीं- बारहवीं की 9 से 19 दिसंबर तक अर्द्धवार्षिक परीक्षा होगी। अब तक सैंपल पेपर जारी न होने से छात्र-छात्राएं असमंजस की स्थिति में है।
6 महीने पहले जारी होते सैंपल पेपर-
बता दें कि पहले मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा वार्षिक परीक्षा से 6 महीने पहले सैंपल पेपर जारी किए जाते थे, ताकि सैंपल पेपर के आधार पर बच्चे अद्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षा को लेकर तैयारी कर सकें। इस बार एमपी बोर्ड की लापरवाही के चलते परीक्षा के 3 महीने पहले भी सैंपल पेपर जारी नहीं हुए हैं। यह लापरवाही विद्यार्थियों पर भारी पड़ रही है। सैंपल पेपर जारी नहीं होने 10वीं और 12वीं के विद्यार्थी अंक योजना के आधार पर भी पढ़ाई कर रहे हैं।
विद्यार्थियों के लिए अंक योजना-
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने वर्तमान में सत्र 2024-25 के लिए 9वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए अंक योजना को जारी किया है। इस सत्र में 9वीं और 11वीं कक्षा के सभी विषयों के सैद्धांतिक प्रश्नपत्र 75 अंक के होंगे, जबकि आंतरिक मूल्यांकन के लिए 25 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसी प्रकार, 11वीं और 12वीं कक्षा में गैर प्रायोगिक विषयों के सैद्धांतिक प्रश्नपत्र 80 अंक के होंगे, और प्रोजेक्ट के लिए 20 अंक होंगे। प्रायोगिक विषयों के सैद्धांतिक प्रश्नपत्र 70 अंक के होंगे, जबकि प्रायोगिक परीक्षा के लिए 30 अंक निर्धारित किए गए हैं। प्रश्नपत्र हल करने के लिए विद्यार्थियों को तीन घंटे का समय प्रदान किया जाएगा।
