-प्रदीप शर्मा संपादक-
ये देश की राजनीति है जनाब, इसमें लोग अपना वंश और समाज आदि सब छोड़कर वही सब करने लगते हैं। जो वैश्याप्रेमी यह नेता उत्तर प्रदेश में कर रहे हैं। देश में अचानक कहां से आ गई हैं पेलियाल की ये नाजायज औलादें, जरा इनकी टोह लें।
-इन दिनों दक्षिण भारत के साथ अब उत्तर भारत में भी सनातन और ब्राह्मण विरोध का गधा राग शुरू हो गया है। निकट समय में विधानसभा चुनाव में होने की आहट के चलते कुछ नेता अपनी छवि चमकाने के लिए राजनीति का सबसे गंदा खेल करने लगे हैं।
-पश्चिम बंगाल चुनाव में मुंह की खाए बैठे हिंदूविरोधी मानसिकता वाले नेताओं की हेकड़ी अभी टूटी नहीं है। बीते दिनों वो नेता से बुरी तरह हारे एक नेताजी ने सनातन के विरुद्ध बयान दिया है।
-विधानसभा में नेताओं को बोलने की छूट का लाभ उठाकर सदन की पहली बैठक में उन्होंने जो कहा उसके निहितार्थ तो दूर तक जाएंगे। क्योंकि राज्य की 90% से अधिक आबादी हिंदू है। इसलिए बकरे की अम्मा अभी 5 साल तक खैर मना सकती है।
–मगर निकट समय में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए यहां भी पेलियाल की कुछ नाजायज औलादों ने मोर्चा खोल दिया है। इन्होंने एक कदम आगे बढ़कर ब्राह्मणों से जोड़कर वैश्याओं तक से तुलना कर डाली है। उनके बयान का क्या मतलब है यह तो वही खूब जाने, मगर यह जरूर समझ आता है कि ये नेताजी वैश्याओं के खासे शौकीन रहे हैं।
-आपको यहां बता दें कुछ वर्षों पूर्व इस डीएमके नेता को मद्रास हाईकोर्ट कड़ी फटकार लगा चुका है। इस बार वे सदन में बोलने बकने की आजादी का लाभ उठाकर बचे हुए हैं।


*फोटो का इन नेताओं से रिश्ता न ढूंढे, ये वही हैं जिनका आलेख में जिक्र किया*