May 25, 2026 |

#विधि : हरदा को इंदौर हाईकोर्ट खंडपीठ से जोड़ने की मांग

अधिवक्ता प्रकाश टांक के सुप्रयासों से रंग लाएगी मुहिम

Hriday Bhoomi 24

(अधिवक्ता प्रकाश चंद्र टांक)

हृदयभूमि, हरदा।

भुआणा और मालवा अंचल के लोगों को अपने विधिक कार्यों और कानूनी फैसलों के लिए लगभग साढ़े पांच सौ किलोमीटर दूर चलकर जबलपुर हाईकोर्ट जाना पड़ता है। इससे यहां के लोगों को न्याय पाने के लिए लंबी यात्रा करनी पड़ती है। इसमें समय, धन का अपव्यय होने के साथ अनेक समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है।

अनेक वर्षों से क्षेत्रवासी भोग रहे समस्या-

बीते अनेक वर्षों से चली आ रही हरदा, खंडवा और बुरहानपुर क्षेत्र की इस समस्या का निवारण करने हरदा के सुप्रसिद्ध अधिवक्ता प्रकाश चंद्र टांक ने आवाज उठाई है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो उनके इन प्रयासों के सुपरिणाम शीघ्र ही सामने आने वाले हैं। सम्मानित अधिवक्ता श्री टांक इस माह 14 दिसम्बर 2024 को शाम 4 बजे केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से भेंट कर शासन का ध्यान इस ओर आकर्षित कराने जा रहे हैं। इस दौरान वे अपने हरदा,खंडवा और बुरहानपुर जिले के लोगों की कानूनी समस्या को विस्तार से बताएंगे।

(केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल)

5 वर्षों से चल रही मुहिम-

यहां आपको बता दें कि आज से पांच वर्ष पूर्व 9 फरवरी 2019 को श्री टांक के प्रयासों से एक समूह इसी उद्देश्य को लेकर बनाया गया था। समूह के निरंतर प्रयास के परिणाम अब सामने आने लगे हैं।

क्या है समस्या-

न्यायिक व्यवस्था अनुसार मध्यप्रदेश में हरदा, खंडवा एवं बुरहानपुर जिलों का उच्च न्यायालय जबलपुर मध्यप्रदेश में है। इस कारण यहां के लोगों को न्याय पाने के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। यहां हाईकोर्ट जबलपुर तक जाने के हरदा से 400, हरसूद से 550 एवं बुरहानपुर से 650 किलोमीटर की लंबी दूरी यात्रा करनी पड़ती है। इसमें समय, धन आदि का अपव्यय होने के साथ अन्य समस्याएं भी सामने आती हैं।

जबकि पास में है खंडपीठ-

वहीं दूसरी ओर यहीं पास में हाईकोर्ट की बेंच इंदौर में है। यह हरदा से मात्र 150, हरसूद से 140, खंडवा से करीब 130 किलोमीटर एवं बुरहानपुर से मात्र 230 किलोमीटर दूर स्थित है। इस तरह इन तीनों जिलों के नजदीक इंदौर होते हुए भी इनके निवासियों व्यापारियों, वकीलों, पक्षकारों को न्याय हेतु अनावश्यक अधिक दूरी तय कर न्याय हेतु भटकना पड़ता है। इसमें धन, ईंधन, समय आदि का अपव्यय होता है।

न्याय की भावना अनुरूप होगा फैसला-

अधिवक्ता श्री टांक ने कहा कि संविधान की मूल भावना के अनुरूप शीघ्र, सस्ता, सुलभ न्याय नहीं मिल पाता है। अतः इन तीनों जिलों को इंदौर बैंच से जोड़ने की कार्यवाही करने की जाए। ताकि भुआणा और मालवा अंचल के लोगों को लाभ मिल सके।


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