#नगर प्रशासन : बड़े भवनों में फायर सेफ्टी नहीं कराई तो लगेगा जुर्माना
बड़े भवनों को चिन्हित कर नोटिस जारी किए

हृदयभूमि हरदा/
शहरी क्षेत्र में निर्मित या निर्माणाधीन बहु मंजिला इमारतों, आवासीय, व्यवसायिक, औद्योगिक भवनों, सभा भवनों, शैक्षणिक भवनों की फायर एनओसी लेना अनिवार्य है। आवासीय उपयोग के ऐसे भवन जिनकी ऊँचाई 15 मीटर या अधिक है, जिन भवनों में 2 या अधिक बेसमेन्ट हो या बेसमेन्ट का क्षेत्रफल 500 वर्ग मीटर से अधिक हो, होटल, स्कूल, कॉलेज संबंधित सभी भवन इस श्रेणी में शामिल हैं। शैक्षणिक भवनों में जिनकी ऊँचाई 9 मीटर या अधिक है, उन्हें भी फायर एनओसी लेना अनिवार्य है।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी कमलेश पाटीदार ने बताया कि राष्ट्रीय भवन संहिता के प्रावधानों के अनुसार भवन अनुज्ञा प्राप्त करने के प्रस्ताव के साथ फायर सेफ्टी प्लान का अनुमोदन अग्निशमन अधिकारी संभागीय संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन से कराना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट की वैधता 3 वर्ष रहती है तथा प्रत्येक 3 वर्ष में इसका नवीनीकरण कराना पड़ता है। सीएमओ ने बताया कि बड़े भवनों के संचालकों को प्रत्येक वर्ष में 30 जून तक अग्निशमन ऑडिट रिपोर्ट अग्निशमन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होती है।
सीएमओ श्री पाटीदार ने बताया कि हरदा शहर में 92 भवन स्वामियों को चिन्हित कर उन्हें सूचना पत्र जारी किए हैं। इनमें 26 शैक्षणिक संस्था, 37 व्यवसायिक, 1 आवासीय, 12 होटल व 16 अस्पताल शामिल है। उन्होंने बताया कि 31 दिसम्बर तक जिनकी फायर सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट प्राप्त नहीं होगी, उन पर प्रतिदिन 500 रूपये की दर से अर्थदण्ड लगाया जाएगा। एक वर्ष पश्चात अर्थदण्ड की यह राशि बढ़कर 1000 रूपये प्रतिदिन हो जाएगी।
