हृदयभूमि हरदा/
शहरी आजीविका मिशन की स्वरोजगार ऋण सहायता योजना के तहत टिमरनी निवासी लोकेश कुशवाह को 1.50 लाख रूपये का ऋण मिला तो उसने गोली, बिस्किट, चॉकलेट व अन्य कन्फेक्शनरी आयटम के विक्रय का व्यवसाय शुरू किया, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और आज वह अपने परिवार के साथ बहुत खुश है। टिमरनी निवासी लोकेश कुशवाह ने बताया कि पहले वह गली गली में फेरी लगाकर गोली बिस्किट बेचता था, जिससे इतनी आय नहीं होती थी कि अपने परिवार का अच्छी तरह पालन पोषण कर सके।
एक दिन नगर परिषद में उसे शहरी आजीविका मिशन की स्वरोजगार ऋण सहायता योजना के बारे में ज्ञात हुआ तो उसने इसके लिये आवेदन कर दिया। कुछ ही दिनों में लोकेश को डेढ़ लाख रूपये का ऋण मिल गया, जिससे उसने अपने व्यवसाय का विस्तार किया। अब वह टिमरनी शहर के साथ-साथ आसपास के गांवों में अपने वाहन से फेरी लगाकर गोली, बिस्किट, चॉकलेट, कुरकुरे, मसाले, नुडल्स आदि का विक्रय करता है। इससे उसे हर माह 40 से 45 हजार रूपये आय होने लगी है, जिससे अब वह अपने परिवार का अच्छी तरह पालन पोषण कर पा रहा है। आय बढ़ने से परिवार के सभी सदस्य बहुत खुश हैं।
