
प्रदीप शर्मा संपादक हृदयभूमि
आईसीसी टूर्नामेंट में कप्तान रोहित शर्मा के फार्म में आने बाद रविवार को हुए इस टूर्नामेंट के सबसे अधिक हाई-वोल्टेज भारत-पाक मैच में विराट कोहली की सूझबूझ भरी पारी के बाद टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर खुश तो बहुत हुए होंगे। क्योंकि कोहली की यह पारी ठीक समय पर सामने आई।

जिन क्रिकेट प्रेमियों ने भी दूरदर्शन या अन्य खेल चैनलों पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा उसमें भारतीय पारी के दौरान कई बार कैमरामैन का एंगल कप्तान रोहित शर्मा कोच गौतम गंभीर के चेहरे पर अवश्य गया है। इसमें जहां भारतीय कप्तान निश्चिंत दिखाई दे रहे थे, वहीं मैच के अंतिम क्षणों तक कोच गौतम गंभीर चिंतित नजर आए। मगर किंग कोहली के बल्ले से जैसे ही शतकीय प्रहार के साथ टीम इंडिया को जीत मिली, गंभीर का चेहरा खिल गया।
और हो भी क्यों न, क्योंकि इस जीत के साथ भारतीय टीम ने लगभग सेमी-फायनल का टिकट कटवा लिया है। गंभीर की चिंता का बड़ा कारण यही था कि टीम तो जीतेगी ही, मगर सेमीफाइनल से पूर्व हमारे दोनों स्टार खिलाड़ी अपनी फार्म में वापस आ जाएं। और बांग्लादेश के खिलाफ मैच में कप्तान रोहित की शानदार ओपनिंग के बाद उनका बल्ला पाकिस्तान के खिलाफ बोलने को तैयार ही था। यहां पर ताबड़तोड़ अंदाज में रोहित ने 3 चौके और एक 6 से 20 गेंदों पर 22 रन ठोककर अपना रुख साफ कर दिया था। किंतु अफरीदी की एक शानदार तेज कटर ने असमय उनकी पारी का अंत कर दिया।
जिम्मेदारी के साथ खेले विराट-
शायद रोहित के जाने पर स्टेडियम में सन्नाटा पसर जाता क्योंकि इस पिच पर 241 का बड़ा स्कोर सामने था, मगर उनके जाने के बाद शुभमन गिल ने अपने आदर्श खिलाड़ी विराट कोहली को जमने का मौका देते हुए मैदान पर लगातार चौकों की आतिशबाज़ी कर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। दोनों के बीच जब अच्छी साझेदारी पनप रही थी।
गिल और अय्यर की आतिशी पारी-
-तब एक शानदार बाल पर गिल का आउट होना टीम के लिए झपका अवश्य था। किंतु अपनी जिम्मेदारी को भांपकर कोहली ने श्रेयश अय्यर का साथ निभाया। श्रेयश ने भी बखूबी खेलते हुए रनों की गति इतनी तेज कर दी कि यह मैच धीरे-धीरे पाकिस्तान की पकड़ से बाहर हो गया। अय्यर जब आउट हुए तब कोहली अपने अंदाज में खेलते हुए 51 वें शतक की ओर बढ़ रहे थे।
रन कम होने से शतक था मुश्किल-
इस मौके पर जब लग रहा था कि विराट अपना शतक आसानी से बना लेंगे तब मैदान पर आए हार्दिक पंड्या ने गेंदों पर तेज प्रहार कर टीम की जीत इतनी नजदीक कर दी कि बाकी बचे रन बनाने पर भी शायद कोहली का शतक बनना मुश्किल हो जाए। तब पंड्या के आउट होने पर आए श्रेयश अय्यर ने जमने के लिए सिंगल्स लेकर कोहली को स्ट्राइक दी। मगर रिश्क यह था कि टीम तो जीतेगी मगर कोहली शतक से दूर रह जाएं।
सूझबूझ भरी पारी-
यह विराट कोहली ही थे कि उन्होंने बड़ी सूझबूझ से गेंदों पर सिंगल्स और डबल लेने के साथ अंत में एक चौका ऐसा लगाया शतक के साथ भारतीय टीम का स्कोर पाकिस्तान के दिए गए लक्ष्य से काफी आगे निकल गया। इस मैच में खेली गई विराट की यह शतकीय पारी काफी सूझबूझ वाली होने के साथ एक महान शतक के रूप में याद की जाएगी। उन्होंने अपने शतक के पीछे टीम का रन रेट काफी ऊंचा बनाए रखा। किंग कोहली की इस पारी को देखते हुए दर्शक झूम उठे।
बाबर ने दिया सम्मान-
इस पारी के बाद मैदान में मिलने आए पाक खिलाड़ी बाबर आजम ने भी उन्हें सम्मान के साथ जीत की बधाई दी।
मैच की खूबी-
इस मैच की चर्चा करते हुए अगर हम अपने गेंदबाजों को भूल जाएं तो यह उनके साथ बड़ी नाइंसाफी होगी। मोहम्मद शमी के पहले ओवर्स में दी गई वाईड बाल का टीम को खामियाजा बाद के गेंदबाजों ने होने नहीं दिया। यहां हार्दिक पंड्या, कुलदीप यादव और अक्षर पटेल के साथ नितेश राणा ने बखूबी अपना काम किया। यदि एक दो कैच न छूटे होते और वाईड कम होती तो शायद नजारा कुछ ओर होता। इधर पाक खिलाड़ियों ने भी कैच टपकाने में कमी नहीं की। कुल मिलाकर इस मैच में भारतीय टीम पाक पर भारी पड़ी। इसलिए कोच गौतम गंभीर का खुश होना लाजिमी है।
रऊफ की गेंद पर नसीम की गलती –
पाकिस्तान में विराट की पारी को लेकर चाहे हाहाकार मचा हो, मगर कई पाकिस्तानी विशेषज्ञ इस हार के पीछे नसीम को दोषी मानते हैं। उनका मानना है कि 11 वें ओवर में रऊफ की गेंद पर उछले कैच को नसीम ने लपकने की कोशिश नहीं की। उन्होंने गेंद रोकने भर का प्रयास किया। मगर वे यह भूल जाते हैं कि उस समय क्रीज पर जमे हुए खिलाड़ी शुभमन गिल और बाद में आने वाले बल्लेबाज हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल और रवींद्र जडेजा बदली हुई परिस्थिति में मैच का रुख बदलने की ताकत रखते थे। बहरहाल इसी प्रकार देखा जाए तो भारतीय टीम ने भी मैच में कुछ गलती की थी। पंड्या की गेंद पर कैच छूटने के बाद अक्षरपटेल ने तत्काल विकेट निकालकर मैच को संभाल लिया था। इस प्रकार कुल मिलाकर टीम इंडिया जीत की हकदार नजर आती है।
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प्रदीप शर्मा संपादक हृदयभूमि
आईसीसी टूर्नामेंट में कप्तान रोहित शर्मा के फार्म में आने बाद रविवार को हुए इस टूर्नामेंट के सबसे अधिक हाई-वोल्टेज भारत-पाक मैच में विराट कोहली की सूझबूझ भरी पारी के बाद टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर खुश तो बहुत हुए होंगे। क्योंकि कोहली की यह पारी ठीक समय पर सामने आई।
जिन क्रिकेट प्रेमियों ने भी दूरदर्शन या अन्य खेल चैनलों पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा उसमें भारतीय पारी के दौरान कई बार कैमरामैन का एंगल कप्तान रोहित शर्मा कोच गौतम गंभीर के चेहरे पर अवश्य गया है। इसमें जहां भारतीय कप्तान निश्चिंत दिखाई दे रहे थे, वहीं मैच के अंतिम क्षणों तक कोच गौतम गंभीर चिंतित नजर आए। मगर किंग कोहली के बल्ले से जैसे ही शतकीय प्रहार के साथ टीम इंडिया को जीत मिली, गंभीर का चेहरा खिल गया।
और हो भी क्यों न, क्योंकि इस जीत के साथ भारतीय टीम ने लगभग सेमी-फायनल का टिकट कटवा लिया है। गंभीर की चिंता का बड़ा कारण यही था कि टीम तो जीतेगी ही, मगर सेमीफाइनल से पूर्व हमारे दोनों स्टार खिलाड़ी अपनी फार्म में वापस आ जाएं। और बांग्लादेश के खिलाफ मैच में कप्तान रोहित की शानदार ओपनिंग के बाद उनका बल्ला पाकिस्तान के खिलाफ बोलने को तैयार ही था। यहां पर ताबड़तोड़ अंदाज में रोहित ने 3 चौके और एक 6 से 20 गेंदों पर 22 रन ठोककर अपना रुख साफ कर दिया था। किंतु अफरीदी की एक शानदार तेज कटर ने असमय उनकी पारी का अंत कर दिया।
जिम्मेदारी के साथ खेले विराट-
शायद रोहित के जाने पर स्टेडियम में सन्नाटा पसर जाता क्योंकि इस पिच पर 241 का बड़ा स्कोर सामने था, मगर उनके जाने के बाद शुभमन गिल ने अपने आदर्श खिलाड़ी विराट कोहली को जमने का मौका देते हुए मैदान पर लगातार चौकों की आतिशबाज़ी कर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। दोनों के बीच जब अच्छी साझेदारी पनप रही थी।
गिल और अय्यर की आतिशी पारी-
-तब एक शानदार बाल पर गिल का आउट होना टीम के लिए झपका अवश्य था। किंतु अपनी जिम्मेदारी को भांपकर कोहली ने श्रेयश अय्यर का साथ निभाया। श्रेयश ने भी बखूबी खेलते हुए रनों की गति इतनी तेज कर दी कि यह मैच धीरे-धीरे पाकिस्तान की पकड़ से बाहर हो गया। अय्यर जब आउट हुए तब कोहली अपने अंदाज में खेलते हुए 51 वें शतक की ओर बढ़ रहे थे।
रन कम होने से शतक था मुश्किल-
इस मौके पर जब लग रहा था कि विराट अपना शतक आसानी से बना लेंगे तब मैदान पर आए हार्दिक पंड्या ने गेंदों पर तेज प्रहार कर टीम की जीत इतनी नजदीक कर दी कि बाकी बचे रन बनाने पर भी शायद कोहली का शतक बनना मुश्किल हो जाए। तब पंड्या के आउट होने पर आए श्रेयश अय्यर ने जमने के लिए सिंगल्स लेकर कोहली को स्ट्राइक दी। मगर रिश्क यह था कि टीम तो जीतेगी मगर कोहली शतक से दूर रह जाएं।
सूझबूझ भरी पारी-
यह विराट कोहली ही थे कि उन्होंने बड़ी सूझबूझ से गेंदों पर सिंगल्स और डबल लेने के साथ अंत में एक चौका ऐसा लगाया शतक के साथ भारतीय टीम का स्कोर पाकिस्तान के दिए गए लक्ष्य से काफी आगे निकल गया। इस मैच में खेली गई विराट की यह शतकीय पारी काफी सूझबूझ वाली होने के साथ एक महान शतक के रूप में याद की जाएगी। उन्होंने अपने शतक के पीछे टीम का रन रेट काफी ऊंचा बनाए रखा। किंग कोहली की इस पारी को देखते हुए दर्शक झूम उठे।
बाबर ने दिया सम्मान-
इस पारी के बाद मैदान में मिलने आए पाक खिलाड़ी बाबर आजम ने भी उन्हें सम्मान के साथ जीत की बधाई दी।
मैच की खूबी-
इस मैच की चर्चा करते हुए अगर हम अपने गेंदबाजों को भूल जाएं तो यह उनके साथ बड़ी नाइंसाफी होगी। मोहम्मद शमी के पहले ओवर्स में दी गई वाईड बाल का टीम को खामियाजा बाद के गेंदबाजों ने होने नहीं दिया। यहां हार्दिक पंड्या, कुलदीप यादव और अक्षर पटेल के साथ नितेश राणा ने बखूबी अपना काम किया। यदि एक दो कैच न छूटे होते और वाईड कम होती तो शायद नजारा कुछ ओर होता। इधर पाक खिलाड़ियों ने भी कैच टपकाने में कमी नहीं की। कुल मिलाकर इस मैच में भारतीय टीम पाक पर भारी पड़ी। इसलिए कोच गौतम गंभीर का खुश होना लाजिमी है।
रऊफ की गेंद पर नसीम की गलती –
पाकिस्तान में विराट की पारी को लेकर चाहे हाहाकार मचा हो, मगर कई पाकिस्तानी विशेषज्ञ इस हार के पीछे नसीम को दोषी मानते हैं। उनका मानना है कि 11 वें ओवर में रऊफ की गेंद पर उछले कैच को नसीम ने लपकने की कोशिश नहीं की। उन्होंने गेंद रोकने भर का प्रयास किया। मगर वे यह भूल जाते हैं कि उस समय क्रीज पर जमे हुए खिलाड़ी शुभमन गिल और बाद में आने वाले बल्लेबाज हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल और रवींद्र जडेजा बदली हुई परिस्थिति में मैच का रुख बदलने की ताकत रखते थे। बहरहाल इसी प्रकार देखा जाए तो भारतीय टीम ने भी मैच में कुछ गलती की थी। पंड्या की गेंद पर कैच छूटने के बाद अक्षरपटेल ने तत्काल विकेट निकालकर मैच को संभाल लिया था। इस प्रकार कुल मिलाकर टीम इंडिया जीत की हकदार नजर आती है।
