
हरदा। जिलें के ग्रामीण आदिवासी व शहरीय क्षेत्रों में लैंगिक असमानता को दूर करने व लड़कियों में नेतृत्व कौशल विकसित करने के उद्देश्य से तीसरी बार आयोजित किये जा रहें लड़कियों के क्रिकेट टूर्नामेंट का आज से हो रहा है शुभारंभ। इस पुरें आयोजन में ज़िलें से 56 टीम हिस्सा बनेंगी व इस पुरें आयोजन को सफल बनाने का जिम्मा हरदा युथ कलेक्टिव के 40 युवाओं ने लिया है।
युवा साथी बताते हैं कि प्रारंभ में बालिकाओं के परिजनों को क्रिकेट खेलने के लिए राजी कराने में बहुत दिक्कत आई। उत्साहित लड़कियों और युवाओं ने परिजनों को बहुत समझाया। इसके बाद ही क्रिकेट खेलने की अनुमति मिली। बाधाएं यहीं समाप्त नहीं हुई, परिजनों के बाद समुदाय ने आपत्ति की। पुरुषों जैसे कपड़े पहनकर क्रिकेट खेलना उन्हें गंवारा नहीं था। मैदान में भी लड़के फब्तियां कसते थे। लेकिन लड़कियों ने धैर्य और साहस का परिचय दिया और युवा इस टूर्नामेंट को आयोजित करने में सफल रहा। पहली बार पैसे की काफी दिक्कत आई, लेकिन धीरे-धीरे हालात बदलते गए ।
इस टूर्नामेंट के आयोजक बताते है कि इस बार क्रिकेट प्रतियोगिता पहले से थोड़ा अलग है। इस वर्ष लिंग आधारित भेदभाव को खत्म करने के लिए इस बार मिक्स जेंडर टूर्नामेंट यानी समावेशी कप शीर्षक दिया है। इसकी टैगलाइन है “हक है समान, सभी का है मैदान” इस पुरें आयोजन से क्रिकेटर टीम भावना के साथ-साथ नेतृत्व कौशल, जेंडर, संचार व नवाचार भी सीखेंगे।
*प्रत्येक टीम में 7 लड़की व 4 लड़के खेलेंगे*
प्रतियोगिता के इस संस्करण में इस बार लड़के और लड़कियों को मिलाकर एक टीम तैयार की गई है। प्रत्येक टीम में 13 खिलाड़ी होंगे। जिसमें 8 लड़कियां और 5 लड़कों को शामिल किया गया है। टूर्नामेंट खेलने के लिए मैदान में 11 खिलाड़ी होगे, जिनमें 7 लड़कों और 4 लड़के खेलेंगे। प्रत्येक मैच 6 ओवर का रहेगा। टीम की कप्तानी लड़कियां और उपकप्तानी लड़के संभालेंगे। इसी तरह बैटिंग के ओपनिंग के कम में तीन नंबर तक लड़कियां ही रहेगी। प्रथम दो खिलाड़ी के आउट होने की बाद एक छोर पर लड़का आ सकता है, लेकिन अगले छोर पर लड़की ही रहेगी। बॉलिंग में भी प्रथम दो ओवर लड़की द्वारा डाले जाएंगे। कुल मिलाकर 4 ओवर लड़की द्वारा फेंकना अनिवार्य है। इस पुरें आयोजन में वाइड बाल, नो बॉल, लेग बाय, ओवर थो के रन मान्य रहेंगे तथा मैच के दौरान ग्राउंड में एक लड़का व लड़की अंपायर की भूमिका में रहेगी। मैदान के बाहर तीसरा अंपायर भी नियुक्त रहेगा। अंपायर का निर्णय अंतिम व सर्वमान्य होगा। लड़कों को हाथ घुमाकर बॉलिंग करना अनिवार्य रहेगा हाथ न घुमाने की स्थिति में बॉलिंग गति धीमी करना होगा। लड़कों की उम्र 19 वर्ष से अधिक नही रहेगी।
*टीमों को प्रोत्साहित करने जुड़ रहे लोग*
कार्यक्रम के आयोजक बताते है इस आयोजन का हमारा उद्देश्य पूरा हो रहा है, हमें बहुत खुशी है। आज हालत यह है कि शहर के राहुल शाह खुदिया सरपंच, अम्बे कंप्यूटर, समारोह केटर्स & परिसर, रितेश मेन्स वियर, गोपी कृष्ण गार्डन, श्री राम मेडिकल, DCB बैंक, किंग साउंड, गोयल ग्राफिक्स, राजपूत टेंट, होटल बागवान पैलेश जैसे व्यापारी ग्रामीण क्षेत्र की स्कूल, व ज़िलें की समस्त पंचायत व नगरपालिका इस आयोजन में आर्थिक सहयोग व मीडिया सहयोग के लिए हरदा फैमिली, कला संवाद फाउंडेशन हरदा का इस आयोजन क सफल बनाने हेतु सहयोग प्राप्त हुआ है।
*कब व कैसे होगी मैच*
इस टूर्नामेंट की शुरुआत 5 जनवरी 2024 को सिराली में लीग मैच से की जाएगी। इसकें बाद 6 व 7 जनवरी 2024 को हरदा ज़िलें के सलयाखेड़ी, रहटगांव, कुमरूम, मिडिल स्कूल ग्राउंड हरदा लीग मैच का आयोजन किया जाएगा।
8 से 12 जनवरी तक विश्राम, इसके बाद 13 से 14 हरदा मुख्यालय के नेहरू स्टेडियम मैदान में क्वाटर, सेमीफइनल व फाइनल मैच खेल जाएगा।
इस पुरें कार्यक्रम के आयोजन में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका सिनर्जी संस्थान की रही है सिनर्जी संस्थान के सहसंस्थापक विमल जाट बताते है कि यह पूरा आयोजन हार-जीत से कहीं अधिक समता के अधिकार की पैरवी करता है। इसलिए सभी खिलाड़ी हार-जीत की भावना ऊपर उठकर मैदान में समता को जीएंगे। यह लड़कियों को समान अवसर देने का एक प्रयास है।