
आचार्य पंडित पवन राज दुबे
धर्मशास्त्र, तंत्रशास्त्र, हस्तरेखा एवं
ज्योतिषाचार्य
9977676153
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हिन्दू धर्म के अनुयायियों द्वारा विभिन्न धार्मिक कार्यों में अखंड ज्योति जलाई जाती है। इसे जलाने के नियम क्या हैं। इसे किस प्रकार जलाया जाता है। हमें यह नियम जान लेना चाहिए ताकि विधान में कोई कमी नहीं रहे।
घर में अखंड ज्योति जलाने के वास्तु नियम-
1. अखंड ज्योति के दीपक को सीधे धरती पर ना रखें, इसके लिए पहले धरती पर चावल या गेहूँ बिछाकर उसके ऊपर ही रखना चाहिए।
2. अखंड ज्योति में केवल शुद्ध घी का उपयोग सर्वोत्तम माना गया है। यदि घी उपलब्ध न हो पाए तो सरसों के तेल से प्रज्ज्वज्लित कर सकते हैं।
3. शुद्ध घी से प्रज्ज्वलित अखंड ज्योति सदैव अपने दाईं ओर जलाई जाती है। इसलिए यह अपनी दाहिनी ओर रखें।
4. सरसों के तेल से प्रज्ज्वलित अखंड ज्योति को अपने बाईं ओर रखना चाहिए।
5. प्रज्जवलित ज्योति को गलती से भी अपने घर में अकेला न छोड़ें और न ही घर को ताला लगाकर कहीं बाहर जाएं।
6. नौ दिन पूरे होने के बाद अखंड ज्योति को अपने आप बढ़ने दें।कि6.स
प्र 6. जलाया है।