#8वां वेतन आयोग : केंद्रीय कैबिनेट ने आयोग गठन की मंजूरी दी
आयोग गठित होने के बाद सरकारी अमले का बढ़ सकेगा वेतनमान

हृदयभूमि विशेष रिपोर्ट –
केंद्र सरकार की कैबिनेट द्वारा आठवां वेतन आयोग गठन करने की मंजूरी देने बाद शीघ्र ही नए आयोग के आने पर सरकारी अमले के वेतन में उछाल आने की संभावना है।
हर दस साल में नया वेतन आयोग गठित कर लागू किया जाता है। मगर इस बार आयोग को गठित करने में ही दस साल पूरे हो गए हैं। बहरहाल केंद्र सरकार द्वारा इसके गठन की स्वीकृति दिए जाने से सरकारी अमले में खुशी का संचार हुआ है। जानकारी के अनुसार हाल ही केंद्र सरकार की कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही इसकी कमेटी गठित की जाएगी, और 8वें वेतन आयोग को बनाने की प्रक्रिया चालू कर दी जाएगी।
लंबे समय से हो रही थी मांग-
आपको बता दें केंद्रीय कर्मचारियों के संगठनों ने इसके लिए कैबिनेट सचिव से मिलकर 8 वें वेतन आयोग का गठन करने की मांग की थी। ये संगठन लगातार सरकार पर 8वां वेतन आयोग गठित करन का दबाव बनाए हुए थे। गत 1 वर्ष में कर्मचारी यूनियन अनेक बार केंद्र सरकार से इस बारे में स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर चुके हैं।
नौ वर्ष पूर्व लागू हुआ था 7 वां वेतन आयोग-
देश में 7 वां वेतन आयोग 1 जनवरी, 2016 से लागू हुआ था। इससे लगभग 1 करोड़ लोगों को लाभ पहुंचा था। चूंकि हर 10 साल में वेतन आयोग लागू किया जाता है। उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार 1 जनवरी, 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू कर देगी। इससे न्यूनतम वेतन और पेंशन में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
हर 10 साल में आता है नया आयोग-
अंतिम वेतन आयोग का गठन हुए 10 साल से ज्यादा समय बीत चुका है। आम तौर पर हर 10 साल में अगले वेतन आयोग का गठन हो जाता है। पुराने वेतन आयोग की जगह नए वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बीच भी सामान्यत: 10 साल का अंतर रहता है। ऐसे में आठवें वेतन आयोग का गठन जरूरी हो गया था।
कब हुआ पिछले आयोग का गठन?
सातवें वेतन आयोग का गठन पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में 28 फरवरी 2014 को किया गया था। सातवें वेतन आयोग ने अपनी सिफारिशें उसके करीब डेढ़ साल बाद नवंबर 2015 में केंद्र सरकार को सौंप दी थी। उसके बाद 1 जनवरी 2016 से 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू हो गईं, जो अभी तक लागू हैं।
