इंग्लैंड की बहादुरी मगर, जीत ‘डिजर्व’ करती थी ‘इंडिया’
फील्डिंग में इंडिया रही आगे, इंग्लैंड के टेल एंडर्स फेल

प्रदीप शर्मा संपादक
आईसीसी द्वारा आयोजित टी-20 क्रिकेट विश्वकप 2026 में यूं तो सारे मुकाबले शानदार, जानदार और कड़े रहे हैं। मगर कुछ मैचों की चर्चा हमेशा बनी रहेगी, इसमें न्यूज़ीलैंड-साउथ अफ्रीका के साथ हुए दूसरे मुकाबले और भारत-इंग्लैंड के मैच की विशेष चर्चा हो रही है।
-पहला सेमी फाइनल एकतरफ़ा-
सेमीफाइनल का पहला मुकाबला जो ‘एसए’ के साथ ‘एनजे’ का हुआ था वह एक तरफा होने से ‘एनजे’ के पक्ष में चला गया। मगर दूसरा इसलिए खास हो गया क्योंकि यहां विश्व कप की सबसे बड़ी दावेदार भारत और इंग्लैंड की जुझारू टीम के साथ था।
क्या है दूसरे सेमी फाइनल का रोमांच-
दूसरे सेमीफाइनल मैच में यूं तो बीसीसीआई की टीम ने 20 ओवर के मैच में 253 रनों जैसा पहाड़ खड़ा कर दिया। मगर किसे पता था कि फील्डिंग कर आने वाली इंग्लिश टीम भी इसका कड़ा मुकाबला करेगी। इसके लिए इंग्लैंड के जेकब बैथल की बहादुरी की तारीफ तो होगी। मगर फिर भी यह जीत ‘डिजर्व’ करती थी ‘इंडिया’।
क्या है असल कारण –
दरअसल मुंबई के वानखेड़े क्रिकेट स्टिडियम की पिच विपपक्षी टीम पर हमेशा ही रनों की आग उगलती है। मगर यहां लंबी बैटिंग लाइन वाली टीम इंडिया के टेल-एंडर्स इसे 260-280 तक नहीं ले जा पाए।
ना वहीं इंग्लिश टीम ने कई कैच टपकाने के साथ वाइड गैंद देते हुए एक बड़ा स्कोर बनने दिया।
भारतीय टीम का प्लस पाॅइंट संजू सैमसन की बैटिंग, बुमराह की गेंदबाजी और इसके साथ अक्षर पटेल के दो शानदार कैच व हार्दिक द्वारा किए सीधे थ्रो से रन आउट ने मैच को रोमांचक मोड़ दे दिया। अन्यथा इस मैच का ऊंंट किस करवट बैठता यह क्रिकेट केे ज्ञानी भी नहीं बता पाते।
