
सोशल मीडिया पर वायरल हैं ये लोकप्रिय तस्वीरें
प्रदीप शर्मा हरदा।
कहते हैं संकट की घड़ी में यदि कोई आपकी मदद करे तो जिंदगी भर उसका आभार मानना चाहिए। मगर खालीवुड फिल्म जगत के हास्य अभिनेता खाजपाल यादव इस मिजाज के नहीं है। लोगों का कहना है कि कीचड़ में फंसे किसी बिच्छू को आप बचाने की चेष्टा करोगे तो उल्टा वह आपको डंक मार देगा।
शायद यही गलती एक मददगार सोनू सूद से हो गई और उन्होंने जेल में बंद खाजपाल यादव निःस्वार्थ भाव से मदद कर अपने आने वाले फिल्म प्रोजेक्ट में लेने का ऐलान कर दिया। किंतु तिहाड़ की हवा खाकर बाहर निकले खाजपाल ने क्या किया। उल्टे मीडिया में सोनू सूद के बारे में कह डाला कि उन्हें ऐसी कोई मदद की जरूरत नहीं है। उनके पास अभी भी इतना काम है कि उन्हें इससे फुर्सत नहीं है।
खाजपाल के तेवर तो ऐसे हैं जैसे वे किसी देशभक्तिपूर्ण कार्य के कारण जेल में डाल दिए गए थे। जबकि महोदय का कारनामा ऐसा कुछ नहीं है। इन्होंने कुछ बैंकों से करोड़ों रुपए का लोन लिया था, जो उन्होंने चुकाया नहीं। जबकि उनके पास 75 करोड़ से अधिक की संपत्ति है। उन्होंने इससे भरपाई करने की जगह जेल जाकर कथित शहीद बनने का ढोंग करना पसंद किया।
इस आचरण से वे कोई सम्मानित नागरिक नहीं बल्कि सोनू सूद के एहसान को भुलाकर एहसान-फरामोश का तमगा जरूर हासिल कर चुके हैं। अब यदि आपके साथ भी कोई व्यक्ति ऐसा करे तो बिच्छू को याद न करना बल्कि खाजपाल का नाम लेकर कहना कि वह ढंक मार गया देश को भी और आपको भी…
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