प्रदीप शर्मा संपादक

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा को मिली जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देकर तमाम चुनाव विश्लेषक इसे मोदी मैजिक तमान रहे हैं। मगर नेपथ्य में शिवराज ब्रांड का करिश्मा भी एक सबसे बड़ा फेक्टर रहा है।

याद करें तीन राज्यों में मिली बड़ी जीत के तत्काल बाद संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे नारी शक्ति की जीत का द्योतक बताकर परोक्ष रूप से शिवराज सरकार की नीतियों को खुले रूप से स्वीकार किया है। सीएम श्री चौहान ने जरूर अपने नेता पीएम मोदी को जीत का नायक बताया मगर यह बात सभी जानते हैं कि चौहान ने पार्टी के हर आदेशों का पालन एक सच्चे कार्यकर्ता के रूप में करके दल को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य किए हैं।
उन्होंने कांग्रेस छोड़कर अपनी पार्टी में आए नेताओं को भी उसी तरह स्वीकार किया जिस तरह वे अन्य विरोधियों के बीच बैठकर भी सभी के लिए स्वीकार्य बन जाते हैं। इस बार यदि स्थानीय स्तर पर कुछ विरोध न होता तो कम अंतर से हारी कम से कम दस सीटें और भाजपा के पाले में होती। और यह रिकॉर्ड किसी अन्य दलों के लिए सपना होता।
बहरहाल जिस प्रकार शिव के दरबार में लगी महापंचायतों ने लोक-कल्याण की गंगा बहाई गई है और महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम हुए हैं उससे निश्चित ही राज्य के लोगों की माली दशा में धीरे-धीरे सुधार आएगा। और अंततः प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।