जीत का प्रमाणपत्र ले, कान्हा बाबा के दरबार पैदल पहुंचे अभिजीत
मध्यरात्रि में भीषण ठंड, ओस और कोहरे में 20 किमी चले पैदल

हरदा। आज के जमाने में चाहे साइंस धर्म और आस्थाओं को न माने, मगर कठिन हालातों में सारे प्रयास के बाद जब आशा की किरण न दिखाई दे, तब यही आस्था बड़े चमत्कार दिखाती है। हाल ही संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में जीत-हार के कड़े मुकाबले में कड़ाके की ठंड में नेताओं को जब पसीना आने लगा, तब इसी आस्था ने अपना करिश्मा दिखाया है। प्रदेश में ऐसे अनेक सिद्धपीठ और स्थान हैं जहां लोग अपनी मन्नतें पूरी होने पर पहुंचकर उसे निभाते हैं।

टिमरनी विधानसभा सीट पर चुनाव मैदान में उतरे मकड़ाई राजघराने के युवराज और कांग्रेस प्रत्याशी अभिजीत शाह अंकित बाबा ने सोडलपुर के सिद्ध तीर्थस्थल कान्हा बाबा दरबार में मन्नत मांगी थी कि उन्हें चुनाव में जीत मिली तो वे मतगणना स्थल से प्रमाण पत्र लेकर पैदल चलते बाबा के दर्शन करने दरबार में आएंगे। इस कड़े चुनावी मुकाबले में जब उन्हें 950 मतों से जीत मिली तो उन्हें बाबा के समक्ष मांगी मन्नत की सहसा याद आ गई।

इसके बाद उन्होंने रात्रि 11.40 बजे हरदा में मतगणना स्थल पालिटेक्निक कालेज से पैदल चलकर सोडलपुर पहुंचकर मन्नत निभाई। अंकित बाबा ने 3 दिसंबर की कड़ाके की ठंड दौरान भीषण ओस और कोहरे के बीच हरदा से टिमरनी होकर सोडलपुर तक लगभग 23-24 किलोमीटर लंबी पदयात्रा कर दरबार में मांगी मन्नत को निभाया।
वहीं अभिजीत शाह की पत्नी पलक ने भी अपने आराध्य लड्डू-गोपाल को नियमित रूप से साथ रखकर चुनाव प्रचार दौरान भगवान से जीत की कामना की। इस जीत के बाद पलक ने मार्ग में पहुंचकर अंकित बाबा को लड्डू-गोपाल की डलिया भेंट की।
बताना आवश्यक है कि इस भुआणा अंचल में जीवित समाधि लेने वाले अनेक संत-महात्माओं के पावन समाधि स्थल आस्था के बड़े केंद्र हैं। जहां हर साल विशेष तिथियों पर भक्तों का विशाल मेला लगता है। इसमें सोडलपुर के कान्हा बाबा का स्मरण बड़े श्रद्धाभाव से किया जाता है।