हरदा/ टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना के तहत अनुसूचित जनजाति वर्ग के आवेदकों को सभी प्रकार के स्वरोजगार के लिये 10 हजार रूपये से 1 लाख रूपये तक की परियोजनाएं स्वीकृत किए जाने का प्रावधान है। जिला संयोजक जनजातीय कार्य विभाग हरदा श्रीमती कविता आर्य ने बताया कि योजना अन्तर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को बैंक द्वारा वितरित, शेष ऋण पर प्रतिवर्ष 7 प्रतिशत अथवा वास्तविक जो भी कम हो की दर से ब्याज अनुदान अधिकतम 5 वर्षाे तक नियमित रूप से ऋण भुगतान की शर्त पर निगम द्वारा त्रैमासिक दिया जाएगा। योजना का क्रियान्वयन शासन द्वारा निर्धारित ‘समस्त पोर्टल’ के माध्यम से किया जाना प्रावधानित है। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिये कलेक्ट्रेट परिसर के कक्ष क्रमांक 41 में स्थित जनजातीय कार्य विभाग मध्यप्रदेश आदिवासी वित्त विकास निगम हरदा में सम्पर्क किया जा सकता है। उन्होने बताया कि योजना के तहत वर्ष 2024-25 हेतु जिले के सभी बैंकों को लक्ष्य निर्धारित किये गये है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को योजना के क्रियान्वयन के संबंध में निर्देश जारी किये गये है।
*आवश्यक दस्तावेज एवं योग्यताएं*
जिला संयोजक जनजातीय कार्य विभाग हरदा श्रीमती आर्य ने बताया कि टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना के लिए यह आवश्यक है कि आवेदक की आयु 18 से 55 वर्ष के मध्य हो तथा वह आयकर दाता न हो। इसके अलावा जाति प्रमाण-पत्र, मूल निवासी प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड, आय प्रमाण-पत्र, मतदाता परिचय पत्र, अंकसूची, समग्र आईडी, वाहन के प्रकरण में लायसेंस, स्वयं की दो फोटो, परियोजना प्रपत्र आवश्यक है। योजना के तहत पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन प्रारम्भ हो चुके है। इच्छुक व्यक्ति पोर्टल के माध्यम से अपना आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकते है।
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working in journalism since 40 years ago. worked in so many news papers of MP and wrote articles in National media.
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