April 26, 2026 |

मीसा : तीन भाईयों के साथ बेटे पर भी कार्रवाई हुई

कई परिवारों ने भोगी थी जेल यातना

Hriday Bhoomi 24

हृदयभूमि, इटारसी।

आज से 50 वर्ष पूर्व देश में लागु हुई इमर्जेंसी की अनेक कड़वी यादें तत्कालीन लोगों के दिलों में अभी भी शेष हैं। इस दौरान लागु हुए मीसा एक्ट का सितम भी यहां कई लोगों और परिवारों ने भोगा है। मध्यप्रदेश इटारसी में एक ही परिवार के 3 भाइयों को मीसाबंदी बनाया, पुत्र को डीआईआर में गिरफ्तार किया।

परिवार के तीनों भाई व बेटे मीसा में 

इटारसी से प्रमोद पगारे लिखते हैं कि 25 जून की काली रात शहरवासी कभी भूल नहीं सकते। यहां सुक्कू भैया परिवार को सभी जानते हैं। भारतीय जनसंघ की स्थापना के पहले से यह परिवार संघ विचारधारा से जुड़ा है। कांग्रेस ने आपातकाल में जिस तरह का खेल खेला वह किसी से छुपा नहीं है। इस दौरान स्वर्गीय नर्मदा प्रसाद सोनी सुक्कू भैया, स्व. हरि बल्लभ सोनी एवं स्व. प्रकाश वल्लभ सोनी को मीसा में बंद किया गया। ये तीनों भाई 19 माह तक एक साथ जेल में रहे। वहीं स्व. सुक्कू भैया के बेटे प्रमोद सोनी को डीआईआर में बंद किया गया। बाद में सबसे बड़े भाई नर्मदा प्रसाद सोनी जनता पार्टी में शामिल हुए और इटारसी के विधायक बने। प्रकाश वल्लभ सोनी नगरपालिका अध्यक्ष बने।

जैसे-तैसे जी रही परिवार की पीढ़ी –

भाजपा के शासन में उम्मीद थी कि परिवार के साथ न्याय होगा। उसूल और सिद्धांतों पर जीने वाला इस परिवार ने किसी की जी-हुजूरी नहीं की, सभी जैसे-तैसे अपना जीवनयापन कर रहे हैं। कभी-कभी मीसाबंदी के नाम पर जिन्हें अब लोकतंत्र सेनानी कहा जाता है। कभी-कभार उन्हें  फूल माला और शाल ओढ़ा दी जाती है। व्यापार के नाम पर दो भाइयों के बच्चे टिन टपरे की कच्ची दुकानों में है। एक बहू नगर पालिका में डेली वेजेस पर है। परिवार के बच्चे आज भी संघ परिवार से जुड़े हैं एक संस्कृत भारती का कार्य देख रहे हैं और एक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में नगर सह कार्यवाह है। प्रदेश की भाजपा सरकार को ऐसे मीसाबंदियों के परिवारों के बारे में सोचना चाहिए।

और भी हैं मीसाबंदी परिवार 

इटारसी के अधिवक्ता अनिल कुमार शर्मा जिन्होंने अपनी भरी जवानी राजनीति को दे दी। मीसा बंदी हुए तो जेल से एलएलबी की परीक्षा दी पास हुए। वेधराम आसरे बाजपेई भी मीसाबंदी हुए उन्होंने भी आयुर्वेद की परीक्षा जेल से ही दी राम आसरे  के पूज्य पिता परमात्मा प्रसाद वाजपेई को भी मीसा में बंद किया गया था। पिता पुत्र दोनों एक ही जेल में थे। श्री दुष्यंत कुमार गौर को भी मीसा में बंद किया गया। स्व. हरि नारायण अग्रवाल, स्व. सरताज सिंह, स्व. हरि मोहन तिवारी, स्व.  ठाकुर गुलाब सिंह, स्व. प्रेमदास महोविया, स्व. शीतल प्रसाद मिश्रा, स्व. वल्लभ दास अग्रवाल, बृजमोहन तिवारी, दुष्यंत कुमार गौर, संतोष त्रिवेदी जिला प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, सूरज प्रसाद खत्री, स्व. रामेश्वर प्रसाद आर्य, स्व. गौरी लाल तिवारी तवानगर, स्व. मोहम्मद खान, स्व. ज्ञान प्रकाश बाली, स्व. लीलाधर अग्रवाल, स्व. अशोक रावत लोकतंत्र सेनानियों में शामिल हैं। आज इन लोकतंत्र सेनानियों के परिवारों की हालत क्या है उनकी आर्थिक स्थिति कैसी है सरकार को इस पर विचार करना चाहिए।


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