
हृदयभूमि हरदा।
कभी कल्पना की है कि उच्च तकनीकी और सुविधाओं के साथ देहरादून के स्कूलों की तर्ज पर हमारे क्षेत्र में भी एक ऐसा बड़ा शिक्षा संस्थान आकार लेगा, जो बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की राह तय करेगा।
– जरूरी नहीं कि वह बालक बड़ा होकर कोई अफसर या नेता बने, बड़ा पत्रकार बनकर मीडिया में छाए/ मगर यह अवश्य संभव है कि वह कूची चला रहा है तो अपनी कल्पना से पाकसो की तरह किसी मोनालिसा की तस्वीर बनाएगा। यदि वह लकड़ी या लोहे की उपकरण में रुचि दिखाए तो समझो सामने किसी मिनी आइंस्टीन के आने का संकेत अवश्य है।
कुछ ऐसे ही विचारों के साथ जिला मुख्यालय हरदा में इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग पर जो भव्य इमारत बनने को तैयार है। यहां हरदा में एक ऐसा ही शिक्षाकुल बनाया जाएगा, जो शायद हमारे मालवा और भुआणा अंचल को शिक्षा जगत में दून जैसी बड़ी पहचान दे।

आपको बता दें कि यहां बनने जा रहे इस स्कूल में पढ़कर बच्चा हर बड़े काॅम्पीटशन में अच्छी परफार्मेंस दिखा सकेगा। इस संस्था के संचालक अनिल जाट के अनुसार यहां पूरी शिक्षा की शुरूआत ही बाल मनोविज्ञान से होगी। इसमें बालक की रुचि अनुकूल हर वह शिक्षा, सुविधा और ज्ञानदाता शिक्षक या प्रशिक्षक होंगे जो शायद संपूर्ण मध्यप्रदेश के एक-दो स्कूलों के पास भी न हों।
