
प्रदीप शर्मा, हृदयभूमि।
इन दिनों ब्राह्मण समाज के सभी सदस्य बड़े उत्साह के साथ अपने आराध्य भगवान परशुराम का जन्मोत्सव मना रहे हैं। यह होना भी चाहिए क्योंकि हमारे आराध्य देवों के स्मरण मात्र से हमें नित नया करने की प्रेरणा, ऊर्जा और शक्ति मिलती है। मगर इसी के साथ हमें अपने समाज की संघर्षशील युवा पीढ़ी को साथ दे सामाजिक उत्थान के बारे में भी विचार करना चाहिए।
यह काम हम बिना एक धेला खर्च किए कर सकते हैं। वो इस तरह कि अपने आसपास जहां भी कोई सामाजिक बंधु किसी रोजगार या धंधे में सक्रिय है। हम उनके सेवा उपक्रम का लाभ उठाकर उनके कार्य व्यवसाय को बढ़ाने में परोक्ष मदद कर ही सकते हैं।
मीडिया जगत में भी इन दिनों हमारे अनेक युवा कार्य कर रहे हैं। हमारे हरदा जिले में ही की युवाओं ने अपने यू-ट्यूब चैनल और वेबसाइट बनाई है। यदि हम इसे सब्सक्राइब कर दें, शेयर करें और बेल घंटी दबा दें। तो उनके चैनल की ग्रोथ में मदद हो सकती है। तो इंतजार कैसा आएं इस पोस्ट के नीचे दी गई हमारे यू-ट्यूब चैनल और वेबसाइट की सब्सक्राइब बटन दबाएं साथ ही अन्य सामाजिक युवाओं को भी प्रमोट करें।
मित्रों आज से एक सप्ताह पूर्व लिखी गई पहली पाती “महानगरों में संघर्ष कर रही ब्राह्मण समाज की युवा पीढ़ी” विषय और समाज में विवाह संबंधी समस्याओं पर विचार किए थे। संभव है इस बारे में सामाजिक बंधु विचार-विमर्श कर रहे होंगे। क्योंकि विचार कभी मरता नहीं है, वह धीरे-धीरे चहुं ओर फैलता है।
