April 22, 2026 |

#हरदा में पता चला, क्यों लक्ष्य तक नहीं पहुंचा जल जीवन मिशन

विभागों में आपसी तालमेल न होने से घरोंघर नहीं पहुंचा पानी

Hriday Bhoomi 24

प्रदीप शर्मा संपादक।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने की योजना पर करोड़ों का बजट दिए जाने के बावजूद बीते सालों हमारी केंद्र सरकार अभी तक तय लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई है। जल जीवन मिशन की कार्यगति पर एक संस्था और एक न्यूज़ चैनल ने सर्वे किया तो अनेक चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। इसमें पता चला कि देश के अनेक राज्यों में यह मिशन अपने लक्ष्य से दूर है। इसमें मध्यप्रदेश का नाम टाॅपटेन में शामिल है।

मध्यप्रदेश की दशा चिंतनीय-

अलबत्ता एजेंसी द्वारा जल-जीवन मिशन की सफलता के आंकड़े खूब पेश किए गए हैं। मगर असल स्थिति कोसों दूर है। आदिवासी बहुल मध्यप्रदेश का ही जायजा लिया जाए तो पता चलता यहां वनांचल के रहवासी पीने का पानी लाने के लिए सिर पर बर्तन रखकर पैदल ओर बैलगाड़ियों पर सवार होकर मीलों दूर जाते हैं। इसमें हमारा जिला हरदा भी शामिल है। 

जामुनवाली गांव से क्यों आए लोग-

विगत दिनों हंडिया तहसील के जामुन‌वाली से आए वनग्राम वासियों ने वन मंडल अधिकारी को गांव में पानी की समस्या बताई थी। यहां लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा घरोंघर पानी पहुंचाने के लिए बिछाई जा रही पाईप लाईन पर विभाग ने रोक लगाई है। डीएफओ का कहना है कि पीएचई ने इसकी अनुमति नहीं ली है। इससे पता चलता है कि विभागों में आपसी तालमेल न होने से जल जीवन मिशन की कार्यगति प्रभावित हो रही है। एक राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल के सर्वे पर यकीन किया जाए तो पता चलता है कि ग्रामीण अंचलों के अनेक स्कूलों में भी शुद्ध पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। 

तालमेल की कमी –

केंद्र सरकार 15 करोड़ परिवारों तक पानी पहुंचाने के लिए बड़ा बजट और राशि देने के बावजूद यह योजना अपना लक्ष्य हासिल नहीं कर पा रही है, जबकि जनहितैषी इस काकार्य के लिए तमाम विभागीय अनुमतियां पहले ही ले लेनी चाहिए। यही वजह है कि प्रधानमंत्री हर घर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करने का पना अभी अधूरा है।


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