April 22, 2026 |

#अनुभूति कैंप : बड़झिरी शिविर में विद्यार्थियों को वन जीवन की जानकारी दी

गतिविधियों में बच्चों ने उत्साह से भाग लिया

Hriday Bhoomi 24

हृदयभूमि, हरदा।
“मैं भी बाघ” एवं “हम है बदलाव” थीम पर
स्कूली विधार्थियों को वन, वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश ईको पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा आयोजित प्रशिक्षण, प्रचार सह-जागरूकता शिविर अंतर्गत मुख्य वनसंरक्षक वनवृत्त नर्मदापुरम अशोक कुमार के निर्देशन एवं वनमंडल अधिकारी हरदा अनिल चोपड़ा के मार्गदर्शन में वन-परिक्षेत्र मगरधा में द्वितीय ‘अनुभूति कार्यक्रम’ वनग्राम बड़झिरी में आयोजित किया गया।

शिविर में अतिथियों की उपस्थिति –
शिविर में ओमप्रकाश बिडारे उप वनमंडल अधिकारी दक्षिण हरदा, मुकेश रघुवंशी परिक्षेत्र अधिकारी मगरधा एवं श्रीराम/चंपालाल अध्यक्ष वन सुरक्षा समिति बड़झिरी, हरिओम रघुवंशी कोषाध्यक्ष व्यापारी मंडल रहटगांव, प्यारेलाल धुर्वे सदस्य वनसुरक्षा समिति बड़झिरी एवं वन परिक्षेत्र मगरधा के समस्त स्टाफ सदस्य उपस्थित थे।


अनुभूति शिविर में शासकीय माध्यमिक शाला मगरधा के 98 छात्र/छात्राए एवं शासकीय माध्यमिक शाला लाखादेह के 22 छात्र/छात्राए एवं शिक्षक / शिक्षिकाए सम्मिलित हुए। उपवनमंडल अधिकारी महोदय एवं परिक्षेत्र अधिकारी मगरधा द्वारा वन वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण और लाईफ मिशन से संबंधित जानकारी दी गई।

अनुभूति मास्टर ट्रेनर और प्रेरक हरिओम सोलंकी वनरक्षक एवं अन्य प्रेरको के द्वारा अनुभूति थीम “मैं भी बाघ” एवं ” हम है बदलाव” की जानकारी दी, पारिस्थितिक तंत्र में वन वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण के महत्व , विभिन्न जीव जंतुओं के मध्य पारस्परिक संबंध को समझाया गया। पक्षी दर्शन एवं अनुभूति प्रकृति पथ भ्रमण के दौरान विभिन्न पक्षियों को देखा गया एवं पहचान की गई, वृक्षों की भी पहचान, वन्यजीव एवं उनके साक्ष्यों की पहचान, मृग एवं हिरण प्रजाति में अंतर, दीमक की बामी, लाइफ मिशन के तहत पर्यावरण के संरक्षण में अपने दैनिक कार्यों की आदतों में छोटे छोटे बदलाव कर हम सभी के कर्तव्य के महत्व को बहुत सरल तरीके से विद्यार्थियों को समझाया।

खेल-खेल में वन एवं पर्यावरण संरक्षण, शिक्षण अंतर्गत खाद्य जाल, पक्षियों के माइग्रेशन में व्यवधान आदि रोचक ढंग से समझाया गया, बिना सिले कपड़े से थैली बनाना सिखाया। वहीं “मैं भी बाघ” एवं “हम है बदलाव” गान डांस के साथ चित्रकला प्रतियोगिता, जंगल का कानून खेल आदि गतिविधियां संपन्न हुई। प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। अंत में पर्यावरण के संरक्षण के प्रति जागरूकता हेतु अनुभूति की शपथ दिलाई गई। सायंकाल में कार्यक्रम का समापन किया गया।


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