
हरदा। दीपावली प्रकाश के पर्व दीपावली में विभिन्न पटाखों का उपयोग बड़ी मात्रा में होता है।
कलेक्टर ऋषि गर्ग ने बताया कि हरदा शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 107.72 है जो मध्यम श्रेणी में आता है। अतः सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार मध्यम स्तर के गुणवत्ता सूचकांक वाले शहरों में हरित पटाखों के अलावा अन्य पटाखें प्रतिबंधित रहते है। इन पटाखों के उपयोग की समय सीमा भी रात्रि 8 बजे से 10 बजे तक निर्धारित की गई है। उन्होने जिले के नागरिकों से अपील की है कि दीपावली के पर्व पर सिर्फ हरित पटाखों का उपयोग सीमित मात्रा एवं तय समयावधि में ही करें।
उन्होने अपील की कि पटाखों के जलने उपरांत बचे कचरे को सामान्य घरेलू कचरे के साथ न मिलाकर इसे पृथक एकत्र कर नगरपालिका के कर्मचारियों को सौंपे। श्री गर्ग ने बताया कि पटाखों का उपयोग संवेदनशील क्षेत्र अस्पताल, नर्सिंग होम, हेल्थ केयर सेंटर शैक्षणिक संस्थान, धार्मिक संस्थान से 100 मीटर दूरी तक प्रतिबंधित हैं। पटाखों के जलने के उपरांत बचे टुकडे एवं अधजली बारूद से पशुओं एवं बच्चों के दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना रहती है। अतः पटाखों के कचरे को ऐसे स्थानों पर न फेंके जहाँ प्राकृतिक जलस्त्रोत अथवा पेयजल स्त्रोत के प्रदूषित होने की सम्भावना हो।