आज की रात मुझे नींद नहीं आएगी, सुना है तेरी मेहफिल में रतजगा है
आज की रात है भारी, कल मतगणना की है तैयारी
प्रदीप शर्मा, हरदा।

मध्यप्रदेश में आज के राजनीतिक परिदृश्य पर बालीवुड की एक फिल्म का नगमा याद आ रहा है – “आज की रात मुझे नींद नहीं आएगी, सुना है तेरी मेहफिल में रतजगा है।”
– गत 17 नवंबर को विधानसभा चुनाव में हुए मतदान पश्चात बीते 15 दिनों में अपने-अपने क्षेत्र के बूथ प्रभारियों की रिपोर्ट आने बाद प्रमुख दलों के प्रत्याशी अपनी जीत-हार का गणित तो लगा चुके हैं। मगर करीबी मतों में जीत-हार वाले इलाकों में इनका गणित भी फेल होने की आशंका है। इस मान से देखा जाए तो मतगणना के पूर्व वाली रात इनके लिए सबसे भारी रातों में से एक है।
– गत चुनाव की बात ही करें तो मध्यप्रदेश में ऐसी दर्जनों सीट थी जहां जीत-हार का अंतर तीन अंकों में ही सिमट गया था। वहीं कुछ ऐसी भी रही जहां दहाई के आंकड़े में सारा खेल हो गया। वो तो बलिहारी इस ‘ईवीएम’ मैया की इसे चुनौती दे पाना मुमकिन नहीं। अन्यथा गणना करने वाले अमले को बार-बार वोट गिनते हाथ दुखने लगते। वहीं रिजेक्ट वोटों को लेकर भी काफी बवाल होता।
– बहरहाल धीरे-धीरे अब सभी दल और नेता ‘ईवीएम’ की सच्चाई मानने लगे हैं। मगर शुरुआत के दौर में इसे भी उतना ही लानत और मलामत झेलनी पड़ी थी। जितनी कि कभी नई-नई आई रेलगाड़ी के काले इंजन को लोग कोई प्रेतबाधा बोलकर डंडों से पीटने जाते थे।
– उम्मीद की जानी चाहिए कि हमारे सभी नेता आज की रात सुकून से आराम कर कल के हर अच्छे-बुरे परिणाम का सामना करने की ईश्वरीय ऊर्जा प्राप्त करें।
– याद रखें कि अमेरिका में डाॅ. अब्राहम लिंकन ने चुनाव में लगातार हार के बाद राष्ट्रपति का चुनाव जीतकर बड़ी मिसालें कायम थी। इसलिए कल फिर सूरज निकलेगा, चिड़ियाएं मधुर गान करेगी और जीवन में नया सवेरा आएगा।
“एक-दो हारों से कुछ नहीं बदलता। समय आने पर सब बदल जाते हैं।”