
प्रदीप शर्मा संपादक।
डाॅ. भीमराव अंबेडकर के संविधान वाले भारतवर्ष में अपनी बाजू बांह पर “मैं ब्राह्मण हूं” लिखकर सुनीता तिवारी के सामने आने पर सोशल मीडिया में जबर्जस्त बवाल कट रहा है। इससे अब एक नया सवाल भी पैदा हो गया है कि क्या कथित सांप्रदायिक सम्भाव वाले इस देश में ब्राह्मण होना बताना गुनाह है।
आपको बता दें कि “जस्टबर्स्टआउट” नामक एक कंटेंट राइटिंग एजेंसी की सीईओ अनुराधा तिवारी ने हाल ही में एक तस्वीर शेयर कर नारियल पानी पीती नजर आ रही हैं। उन्होंने इस तस्वीर पर लिखा ब्राह्मण जीन।
यह तस्वीर जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। अनुराधा ने भी उन सबको खुलकर जवाब दिया।
अनुराधा ने लिखा, जैसा कि अपेक्षित था, केवल ‘ब्राह्मण’ शब्द के उल्लेख ने कई हीन प्राणियों को प्रेरित किया। अपर क्लास को प्रणाली से कुछ नहीं मिलता-कोई आरक्षण नहीं, कोई मुफ्त उपहार नहीं। हम सब कुछ अपने दम पर कमाते हैं और हमें अपने वंश पर गर्व करने का पूरा अधिकार है।
उन्होंने कहा कि दलित होने पर गर्व, मुसलमान और आदिवासी होने पर गर्व, पर ब्राह्मण पर क्यों नहीं? ब्राह्मणों को उनके अस्तित्व के लिए दोषी महसूस कराने के लिए एक पूरी प्रणाली काम कर रही है। अब इस कथा को बदलने का समय आ गया है। ब्राह्मण बनें। तथाकथित सामाजिक न्याय योद्धाओं को जलने दें।
