लाॅ की डिग्री बिना पत्रकार करेंगे सुप्रीम कोर्ट की कवरेज
भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाय चंद्रचूड़ ने दी सौगात

हृदयभूमि समाचार-
भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाय चंद्रचूड़ ने आगामी 10 नवंबर को अपने सेवानिवृत्त होने के पूर्व कुछ महत्वपूर्ण काम किए हैं, जिनके लिए उन्हें याद किया जाएगा। जाने से पहले उन्होंने न्यायप्रतिमा की आंखों पर बंधी पट्टी को खोल दिया है।
उनका कहना है कि उनका कहना है कि न्याय की देवी सब कुछ खुली आंखों से देखकर फैसला दे सकती है। अब तक अंग्रेज़ी राज से चली आ रही आंखों पर पट्टी बांधी प्रतिमा अब पुरानी बात हो गई है।
इसी तरह वर्ष 2018 में बने नियमानुसार पत्रकारों को सुप्रीम कोर्ट की खबरें कवरेज एलएलबी की डिग्री वाली शर्त भी हटा दी है। अब बिना लाॅ की डिग्री वाले पत्रकार सर्वोच्च न्यायालय की खबरों को कवरेज कर सकेंगे। सीजेआई ने इस नए नियम पर अपनी सहमति प्रदान कर दी है।
उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट कवर करने वाले पत्रकारों को मान्यता प्राप्त संवाददाता बनने के लिए कानून की डिग्री की जरूरत क्यों थी? बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सीजेआई ने कहा कि हम दो काम कर रहे हैं। मैंने सुप्रीम कोर्ट के लिए मान्यता प्राप्त संवाददाताओं की संख्या बढ़ाने के लिए एक फाइल पर हस्ताक्षर किया है। मुझे नहीं पता था कि किस कारण से ये शर्त थी कि आपके पास अनिवार्य रूप से LLB की डिग्री होनी चाहिए। अब हमने इसमें छूट दे दी है।
