
प्रदीप शर्मा संपादक
भारतीय जनता पार्टी में सबसे महत्वपूर्ण महामंत्री पद पर सफलतम भूमिका निभाने वाले नेता कैलाश विजयवर्गीय ने दल के ‘एक व्यक्ति एक पद’ सिद्धांत और पार्टी की रूलिंग का पालन कर भाजपा महामंत्री पद से अपना त्यागपत्र राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंप दिया है। अब वे मध्यप्रदेश में भाजपा की मोहन सरकार में वरिष्ठ मंत्री की भूमिका निभाएंगे।
श्री विजयवर्गीय का महामंत्री पद का य। कार्यकाल अविस्मरणीय रहा है। उन्होंने पार्टी द्वारा सौंपी गई हर जिम्मेदारी को बखूबी निभाया और इन्हें पूरा करने में सामने आई हर चुनौतियों से टकराए। मध्यप्रदेश की राजनीति में भाजपा के गस शेरदिल नेता ने इंदौर और मालवा बेल्ट में तब स्थापित किया जबकि यहां कांग्रेस के दबंग नेताओं की तूती बोलती थी। इसके बाद उमाभारती के समय में पार्टी को बड़ी जीत दिलाने के साथ उन्होंने उमा और बाबूलाल गौर के मंत्रीमंडल में अपना दायित्व बखूबी संभाला। श्री विजयवर्गीय ने सदैव पार्टी के हितों को पहले स्थान पर रख सत्ता के प्रति निर्मोही भाव रख महामंत्री का पद ग्रहण कर जम्मू-कश्मीर जैसे राज्य में दल की पैठ बनाई। इसके बाद उन्होंने प. बंगाल की बंजर भूमि ममता के गढ़ में जाकर पार्टी को दूसरा सबसे बड़ा दल बनाया है। हाल के मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में भी विजयवर्गीय का योगदान किसी से छिपा नहीं है। आज वे मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव के मंत्रीमंडल में रहकर सरकार की बड़ी ताकत बनेंगे। यहां उनका लक्ष्य पूरी तरह साफ है कि आगामी लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा को प्रदेश की सभी सीटों पर विजयी बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों को मजबूत बनाना है। यही वजह है कि श्री विजयवर्गीय इस मिशन में कहीं कोई कमी नहीं रखेंगे ।
