#मेरा भारत महान : हिंदू,आप आगे आएं, न आएं, जहां को क्या फर्क पड़ता है
दुनिया भर में खदेड़े अकेले यहूदी समाज ने अपनी दम से इजराइल में सिक्का जमाया है।
प्रदीप शर्मा संपादक हृदयभूमि।
हिंदू (कौन) अपने घर से निकलकर बाहर न आए, तो किसी को क्या फर्क पड़ता है। यूं ही कहीं मर-खप जाओगे दुनिया में, कोई जिजीविषा लेकर अकेले दम पर काम करें या यूं ही जिंदगानी की तरह मरना होगा।
-मेरा भारत (?)महान है इसलिए कि यहां संपूर्ण आर्यवृत में हम रहते आए हैं। नहीं पता कि ये ‘इंडस’ नदी से हमें क्या-क्या पुकारा। मगर हमने कभी भी किसी का नाम नहीं लिया। वो है अकेला ॐ!
