April 24, 2026 |

भारत-सिंगापुर की नौसेनाओं ने रचा इतिहास, सिम्बेक्स बना ऐतिहासिक

Hriday Bhoomi 24

नई दिल्ली

 भारतीय नौसेना और सिंगापुर गणराज्य नौसेना (RSN) ने 28 जुलाई से एक अगस्त तक वार्षिक सिंगापुर-भारत समुद्री द्विपक्षीय अभ्यास (सिमबेक्स) किया। रक्षा मंत्रालय ने यहां बताया कि अभ्यास के तहत इस वर्ष पहले आरएसएस सिंगापुर-चांगी नौसैनिक अड्डे पर तटीय चरण और उसके बाद दक्षिण चीन सागर (SCS) के दक्षिणी छोर पर समुद्री चरण का आयोजन किया गया। उसने बताया कि समुद्री चरण में दोनों नौसेनाओं के पोत और सिंगापुर गणराज्य वायु सेना (RSAF) के विमान शामिल हुए। आरएसएन ने ‘फोर्मिडेबल' (दुर्जेय) श्रेणी के फ्रिगेट ‘RSS सुप्रीम' और ‘विक्ट्री' (विजयी) श्रेणी के मिसाइल युद्धपोत ‘आरएसएस विजिलेंस' (MV मेंटर) को तैनात किया।

भारतीय नौसेना ने शिवालिक श्रेणी के फ्रिगेट आईएनएस सतपुड़ा के साथ अभ्यास में भाग लिया। आरएसएएफ के एक एस70बी नौसैनिक हेलीकॉप्टर, दो फोकर-50 समुद्री गश्ती विमान और दो एफ-15एसजी लड़ाकू विमान भी इस अभ्यास में शामिल हुए। सिम्बेक्स 2025 का सफल आयोजन भारतीय नौसेना और आरएसएन के बीच स्थायी साझेदारी को रेखांकित करता है। आरएसएस के कमांडिंग ऑफिसर सुप्रीम लेफ्टिनेंट कर्नल आरोन कोह ने कहा, ‘‘सिम्बेक्स सिंगापुर गणराज्य की नौसेना और भारतीय नौसेना के बीच दीर्घकालिक द्विपक्षीय संबंधों का प्रमाण है।

यह अभ्यास अभियानगत दक्षताओं को निखारने, आपसी समझ बढ़ाने और लोगों के बीच स्थायी संबंध बनाने की दिशा में नौसैन्य कर्मियों की पीढ़ियों के लिए एक मूल्यवान मंच के रूप में वर्षों से कार्य करता रहा है।'' सिम्बेक्स का पहली बार 1994 में आयोजन किया गया था। इस साल यह इस अभ्यास का 32वां संस्करण था। यह आरएसएन के सबसे लंबे समय से जारी द्विपक्षीय समुद्री अभ्यासों में से एक है और भारत द्वारा किसी अन्य देश के साथ किया जाने वाला सबसे लंबा निरंतर द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास है।  

 


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