January 22, 2026 |

25 अगस्त को धार आएंगे प्रधानमंत्री मोदी, मालवा के विकास को लगेंगे नए पंख

Hriday Bhoomi 24

प्रधानमंत्री मोदी मध्यप्रदेश में देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का करेंगे भूमिपूजन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

25 अगस्त को धार आएंगे प्रधानमंत्री मोदी
मालवा के विकास को लगेंगे नए पंख
धार जिले में पीथमपुर की तरह बनेगा दूसरा बड़ा इन्डस्ट्रियल हब
इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी एरिया का हिस्सा बनेगा बदनावर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएम मित्रा पार्क के भूमिपूजन कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 अगस्त को मध्यप्रदेश आएंगे और धार जिले के बदनावर क्षेत्र में बनने वाले देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन कर प्रदेश को विकास की एक और सौगात देंगे। उन्होंने कहा कि जहां देश के दूसरे राज्य पीएम मित्रा पार्क के लिए प्रारंभिक तैयारियां ही कर रहे हैं, वहीं मप्र में 25 अगस्त को इसका भूमिपूजन भी सम्पन्न होने जा रहा है। इस सौगात के लिए हमने केंद्र सरकार से निरन्तर समन्वय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क का निर्माण पूरा होने पर सम्पूर्ण मालवा क्षेत्र के विकास को नए पंख लगेंगे। धार जिले का यह क्षेत्र पीथमपुर की तरह अब दूसरा वृहद औद्योगिक केंद्र (इन्डस्ट्रियल हब) बनने जा रहा है। इस पार्क की स्थापना से पूरे मालवा क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा और करीब 3 लाख लोगों को प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से स्थाई रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार जिले का बदनावर क्षेत्र इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी एरिया का हिस्सा भी बनेगा। इससे इस क्षेत्र को मेट्रोपॉलिटन एरिया की सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा। यहां अपना उद्योग स्थापित करने वाले सभी निवेशकों, उद्योग समूहों और कम्पनियों को फोर लेन रोड, रेल और एयर कनेक्टिविटी सुविधा भी उपलब्ध कराई जायेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार रात्रि को वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए कमिश्नर इंदौर और कलेक्टर धार से प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पीएम मित्रा पार्क के भूमिपूजन कार्यक्रम के लिए धार आगमन एवं जनसभा से जुड़ी सभी तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं। पीएम मित्रा पार्क का निर्माण इस क्षेत्र के किसानों और श्रमिकों की जिंदगी बदलने का अवसर है। कार्यक्रम में क्षेत्रीय किसानों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। विभिन्न जिलों से कार्यक्रम में आने वाले प्रतिभागियों को बिना किसी बाधा के सभा स्थल तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रबंध किए जाएं। जनसभा स्थल पर बनाए गए वाटर प्रूफ डोम में व्हीव्हीआईपी के लिए मंच, डायस प्लान, प्रतिभागियों की बैठक, पेयजल आपूर्ति से लेकर सभी के प्रस्थान होने तक की सभी व्यवस्थाओं के नियोजन और प्रबंधन में कोई कमी न रहे। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों का सभी ओर से आगमन होगा। इसलिए सहज पहुंच मार्ग पर विशेष फोकस करें। वैकल्पिक मार्ग भी देख लें। मार्गों की आवश्यकतानुसार मरम्मत आदि भी करा लें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूरे कार्यक्रम की माइक्रो प्लानिंग कर लें। भूमिपूजन कार्यक्रम एवं जनसभा आयोजन का मीडिया के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं। यहां रोजगार आधारित उद्योगों की स्थापना से क्षेत्र को मिलने वाले लाभों के बारे में नागरिकों को तथ्यपरक जानकारियां उपलब्ध कराएं। मुख्यमंत्री ने इंदौर और उज्जैन संभाग के कमिश्नर्स एवं सभी कलेक्टर्स को आपसी समन्वय और योजनाबद्ध रूप से काम कर भूमिपूजन कार्यक्रम को सफल बनाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स से कहा कि पीएम मित्रा पार्क बनने पर बड़ी तादाद में कुशल श्रमशक्ति की आवश्यकता होगी। इसलिए मालवा क्षेत्र के सभी जिलों में कारीगरों/बुनकरों के लिए ट्रेनिंग इन्स्टीट्यूट या स्किल डेवलपमेंट सेंटर प्रारंभ कराने के लिए अभी से प्रयास करें। पार्क में काम करने के लिए भारी संख्या में आने वाली श्रमशक्ति के आवास-निवास के लिए भी अभी से काम प्रारंभ करें। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की चारों दिशाओं से कनेक्टिविटी बढ़ाने के प्रयास करें। बदनावर से थांदला रोड एनएचएआई द्वारा मंजूर कर ली गई है। इस रोड से पार्क एरिया को सीधी कनेक्टिविटी मिल जायेगी। पीएम मित्रा पार्क क्षेत्र से उज्जैन में बनने वाले एयरपोर्ट की दूरी मात्र 70 किमी है। इस क्षेत्र को इंदौर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भी कनेक्टिविटी मिलेगी। वर्तमान में रतलाम से भी रोड कनेक्टिविटी उपलब्ध है। भूमिपूजन कार्यक्रम के लिए सीमावर्ती जिलों से समन्वय किया जा रहा है।

बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह जेएन कंसोटिया, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित आयोजन से जुड़े सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

पीएम मित्रा पार्क – देश का अगला टेक्सटाईल हब

धार में स्थापित होने वाला पीएम मेगा इंटीग्रेटेड टैक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (PM MITRA) पार्क, भारत को वैश्विक वस्त्र महाशक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधार बनने जा रहा है। करीब 2,158 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला और 2,000 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाला यह पार्क अत्याधुनिक अधोसंरचना, सतत् विकास और रणनीतिक नीति समर्थन के माध्यम से टेक्सटाइल हब बनने की ओर अग्रसर है। "फार्म से फाइबर से फैक्ट्री से फैशन से फॉरेन" की दूरदर्शी 5F (फाईव एफ) की अवधारणा पर आधारित यह पार्क लगभग तीन लाख रोजगार का सृजन करेगा, जिनमें एक लाख प्रत्यक्ष और दो लाख अप्रत्यक्ष रोजगार होंगे। पीएम मित्रा पार्क को राज्य प्राधिकरण द्वारा ग्रीनफील्ड परियोजना के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज, जलापूर्ति प्रणाली, अपशिष्ट प्रबंधन और सीवेज संग्रह, 220 केवीए सब-स्टेशन, SCADA-नियंत्रित यूटिलिटीज़ और सुव्यवस्थित स्ट्रीट लाइटिंग और सुविधाएं जैसी आधुनिक ट्रंक अवसंरचना भी शामिल हैं। मजबूत सहायक अधोसंरचना में 20 एमएलडी की कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी), श्रमिकों और महिला कर्मचारियों के लिए आवास, 10 एमवीए सौर ऊर्जा संयंत्र और 95,750 वर्गमीटर क्षेत्र में फैली 81 प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स शामिल हैं। इसके अलावा दो केंद्रीकृत स्टीम बॉयलर और पाइपलाइन नेटवर्क भी उद्योग इकाइयों में होंगे।

पार्क की वर्तमान प्रगति

राज्य सरकार और भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर के साथ "पीएम मित्रा पार्क मध्यप्रदेश लिमिटेड" नामक विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) का गठन किया गया। पार्क में निवेश के लिए 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक के इंटेंशन-टू-इन्वेस्ट प्राप्त हो चुके हैं। साथ ही, इंडियन कॉटन फेडरेशन, साउदर्न इंडिया मिल्स एसोसिएशन, तिरुपुर एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन और टैक्सटाइल मर्चेंट एसोसिएशन, दुबई जैसी प्रमुख औद्योगिक संस्थाओं के साथ भी एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिससे पार्क के इकोसिस्टम को बढ़ावा दिया जा सके। यहां निर्माण गतिविधियां तेजी से चल रही हैं, जहां 60 प्रतिशत साइट लेवलिंग और पार्क के मुख्य द्वार का निर्माण पूरा हो चुका है। राज्य राजमार्ग-18 से करीब 1.4 किमी लंबी छह लेन की सम्पर्क सड़क, बदनावर से 220 के.व्ही. की पावर लाइन और माही डैम से 20 एमएलडी जलापूर्ति योजना जैसी प्रमुख बाहरी परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं। पार्क को "ग्रीन रेटिंग" प्राप्त करने के लिए इंडियन ग्रीन बिल्डिंग कॉउंसिल के साथ परामर्श भी किया जा रहा है।

पार्क की मंजूरी

पार्क के निदेशक मंडल (बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स) द्वारा म.प्र. औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) को परियोजना क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया। राज्य सरकार के सतत् प्रयासों, निवेशक मित्र नीतियों और विश्वस्तरीय सुविधाओं ‍के साथ यह पार्क भारत के वस्त्र उद्योग के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।


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