सुरेंद्र जैन के इस्तीफे से हरदा के राजनीतिक जगत में खलबली
कब, क्या करेंगे, कोई नहीं जानता, मगर कदमों का है इंतजार
प्रदीप शर्मा सीनियर जर्नलिस्ट हरदा।

हरदा विधानसभा चुनाव के ऐन मौके पर भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं पूर्व नपाध्यक्ष सुरेंद्र जैन ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता व सभी पदों से इस्तीफा देकर राजनीतिक जगत में खलबली मचा दी है।
श्री जैन ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा और जिलाध्यक्ष अमरसिंह मीणा को इन पदों से त्यागपत्र भेजकर इसे अविलंब स्वीकार करने की मांग की है।
अब उनका आगामी कदम क्या होगा यह अभी कोई नहीं जानता, मगर उन्होंने एक-दो दिनों के अंदर इसका खुलासा करने का वादा हरदा की मीडिया से अवश्य किया है। इस घोषणा के मौके पर श्री जैन ने पार्टी नेता व कृषिमंत्री कमल पटेल पर गंभीर आरोप लगाए।
- उन्होंने कहा कि श्री पटेल के मंत्रित्व कार्यकाल में अव्यवस्थाओं पर ध्यान आकर्षित कराने पर मुझे गद्दार कहकर अपमानित किया गया।
– उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के कार्यालय में लगे नंदकुमार सिंह चौहान के नाम शिलापट्टिका को उनके समर्थकों ने नाली में फेंक दिया। उत्तर प्रदेश के पूर्व उप-मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के कहने के बाद भी यह शिला उचित स्थान पर नहीं लगवाई गई। क्योंकि श्री चौहान ने एक बार उन्हें पार्टी से बर्खास्त करने हेतु पत्र लिखा था। - आज हरदा जिले में अवैध शराब, मादक पदार्थों की बिक्री, जुए के अड्डे और सट्टे का अवैध कारोबार चल रहा है। इनके करीबी नर्मदा को छलनी कर रहे हैं।
– श्री जैन ने बड़े भावुक अंदाज में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफा देने का ऐलान करने के साथ कहा – 1961 में भाजपा के पितृपुरुष पं. दीनदयाल उपाध्याय ने कहा था कि यदि अच्छे दल से कभी कोई बुरा नेता चुनाव लड़ता है तो आमजनता को उसे हरा देना चाहिए। इसलिए क्षेत्र की जनता को इस बार सोचना होगा। 
– श्री जैन ने आगामी एकदो दिनों में अपने कदमों के बारे में निर्णय लेने का संकेत दिया।- *जिले की राजनीति में कौन हैं सुरेंद्र जैन
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इसे जानिए हमारे अगले एपिसोड में।*
