
हृदयभूमि, हरदा।
जिले की सीमा रेखा हंडिया तहसील के ग्राम भमोरी समीप नर्मदा तट पर बनाया जा रहा देश के पहले बैराज बंधान का 50 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। बारिश बाद शुरू हुए कार्य की गति देखकर लगता है कि इस साल यह बनकर तैयार हो जाएगा। इसकी नहरें बनने के बाद देवास जिले की खातेगांव तहसील स्थित छह दर्जन से गांवों की भूमि सिंचित होगी।
तीन चरणों में बनेगा बांध-
मिली जानकारी के अनुसार इस मिनी बांध की लागत लगभग 1193 करोड़ रुपए आएगी। इस बांध की लंबाई 2913 मीटर होने वाली है। यह काम तीन चरणों में पूरा होगा।इसमें सिंचाई के लिए प्रेशर पाइप लाइन नहर बनाई जाएगी। इसके जरिए देवास जिले के खातेगांव तहसील में 72 गांवों की 35 हजार हेक्टेयर जमीन में सिंचाई होगी।
विद्युत उत्पादन होगा-
शासन की महत्वाकांक्षी परियोजना अंतर्गत बन रहे इस बांध से 25 मेगावॉट बिजली का उत्पादन भी किया जाएगा। एनवीडीए के एख सब इंजीनियर ने बताया कि बैराज के गेट के बॉटम तक का काम हो गया है। इस बांध में
50 किलो मीटर तक पानी जमा होगा।
हरदा जिले के हंडिया के पास भमोरी में नर्मदा नदी पर बन रहा बांध 23 मीटर ऊंचा होगा। इस बांध में 31 गेट लगेंगे। इसमें से प्रत्येक गेट की ऊंचाई 15 मीटर व चौड़ाई 8 मीटर होगी। इसमें 140.9 एमसीएम पानी स्टोरेज किया जाएगा। इसके चलते नर्मदा में नर्मदापुरम की ओर 50 किमी तक पानी ही पानी देखने को मिलेगा। इस बांध के बनने के बाद 3 जिलों हरदा, देवास व सीहोर की 200 हेक्टेयर जमीन डूबेगी। इसी के साथ इसमें हरदा जिले की 36 हेक्टेयर जमीन शामिल है।