December 14, 2025 |

हैवानियत की हद: दामाद ने सास को 19 टुकड़ों में काटा, बेंगलुरु में सनसनी

Hriday Bhoomi 24

बेंगलुरु 
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से करीब 100 किमी दूर शव के कई टुकड़े अलग-अलग मिलने से सनसनी फैल गई थी। अगस्त में हुए इस कांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। जांच में पाया गया है कि शव महिला का था और कुल 19 स्थानों पर लाश के टुकड़े मिले थे। खास बात है कि तब भी सिर बरामद नहीं हुआ था, लेकिन अब पुलिस ने इसका भी पता लगा लिया है। इस केस में कुल 3 तीन पुलिस के हत्थे चढ़े हैं, जिनमें मृतक महिला का दामाद भी शामिल है।

लाश के टुकड़े चिंपूगनहल्ली में मिले थे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने यह साफ किया था कि शव महिला का है। साथ ही टुकड़ों पर आभूषण से संकेत मिल रहे थे कि हत्या किसी लालच में नहीं की गई थी। इसके बाद पुलिस ने क्षेत्र से गुमशुदा महिलाओं की जानकारी जुटाना शुरू की। एसपी अशोक केवी ने केस में कई टीमों को तैनात किया था।

ऐसे मिला शुरुआती सुराग
रिपोर्ट के अनुसार, जांच में पुलिस को पता लगा कि बेल्लावी की रहने वाली 42 साल की लक्ष्मीदेवम्मा गायब है। उसके पति बासवराज ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस को पता चला कि महिला को आखिरी बार 3 अगस्त को उसकी बेटी तेजस्वी के हनुमंतपुरा स्थित घर से निकलते हुए देखा गया था। दो दिन बाद ही महिला के सिर का भी पता चला और बासवराज ने शव की शिनाख्त की।

मिली पहली लीड
पुलिस टीम ने जांच में पाया कि 3 अगस्त को ही 3 अगस्त को एक सफेद एसयूवी हनुमंतपुरा से कोराटगेरे की तरफ गई है। बारीकी से जांच में पता चला कि वाहन की दोनों नंबर प्लेट अलग थीं। असली नंबर की जांच के जरिए पुलिस उर्दिगेरे गांवके किसान सतीश तक पहुंची। फोन रिकॉर्ड की जांच से पता चला कि सतीश का फोन लक्ष्मीदेवीअम्मा के गायब होने वाले दिन बंद हो गया था और अगले दिन भी बंद था। रिपोर्ट के मुताबिक, मुखबिरों ने पुलिस को बताया कि 3 और 4 अगस्त को सतीश के खेत पर एसयूवी देखी गई थी। जब पुलिस ने सतीश को पुलिस स्टेशन बुलाया, तो वह चिंगमगलुरू में था। पुलिस ने उसका पीछा किया और होरानादू मंदिर में किरण नामक सहयोगी के साथ पकड़ा। शुरुआत में दोनों ने निर्दोष होने की बात कही।

तीसरा शख्स चढ़ा हत्थे
पुलिस ने वाहन की जानकारी निकाली, तो पता चला कि इसे 6 महीने पहले ही डॉक्टर रामचंद्रैया एस ने खरीदा था। इसे सतीश के नाम पर खरीदा गया था, ताकि शक ना हो।

ऐसे जुड़े तार
जांच में पता चला कि डॉक्टर रामचंद्रैया ने मृतक महिला की बेटी तेजस्वी से शादी की थी। अखबार से बातचीत में एक पुलिस अधिकारी ने कहा, 'हमने डॉक्टर का आमना सामना सतीश और किरण से कराया। हमने उन्हें आमने-सामने बैठाया और सवाल किए। तब सतीश कुछ छिपा नहीं सका और राज उगलना शुरू कर दिए। इसके कुछ देर बाद ही अन्य दो ने भी सब कबूल कर लिया।'

क्या थी हत्या की वजह
रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस का कहना है कि रामचंद्रैया इस बात से नाराज था कि महिला उसकी शादी में दखल दे रही थी। साथ ही ये भी आरोप लगाए कि महिला अपनी बेटी को देह व्यापार में धकेलने पर भी जोर दे रही थी। खास बात है कि 47 साल के डॉक्टर की यह दूसरी शादी थी और तेजस्वी उससे 20 साल छोटी है। दोनों का एक तीन साल का बच्चा है। रामचंद्रैया को डर था कि लक्ष्मीदेवम्मा उसके परिवार को तबाह कर देगी। ऐसे में उसने वारदात से 6 महीने पहले प्लानिंग शुरू कर दी। उसने सतीश के नाम पर गाड़ी खरीदी और सतीश के साथ किरण को भी 4-4 लाख रुपये देने का वादा किया। उसने दोनों को एडवांस के तौर पर 50 हजार रुपये भी दिए थे।

काट कर शरीर के कर दिए टुकड़े
3 अगस्त को जब लक्ष्मीदेवम्मा बेटी के घर से लौट रही थी, तब रामचंद्रैया ने उसे घर छोड़ने का कहकर लिफ्ट दी। तब कार में सतीश और किरण भी मौजूद थे। महिला के बैठने के साथ ही दोनों ने उसका गला दबा दिया। इसके अगले दिन धारदार हथियारों की मदद से शव को काटा गया और 19 स्थानों पर टुकड़े फेंक दिए गए।

 


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