चिंतक और विचारशील पत्रकार मेहमूद अली चिश्ती बने राष्ट्रीय महासचिव
टिमरनी के सक्रिय युवा बृजेश रिछारिया को बनाया हरदा जिलाध्यक्ष

हृदयभूमि हरदा/खरगोन।
पत्रकार कल्याण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष वेदांती त्रिपाठी के मुख्य आतिथ्य में परिषद की खरगोन जिला इकाई द्वारा प्रदेश स्तरीय विराट अधिवेशन का आयोजन किया गया। इस मौके पर श्री त्रिपाठी ने संगठन में राष्ट्रीय महामंत्री के रूप में हरदा के वरिष्ठ चिंतक एवं विचारशील पत्रकार सैयद मेहमूद अली चिश्ती को मनोनीत कर साथी पत्रकारों में ऊर्जा का संचार किया। श्री त्रिपाठी यहीं नहीं रुके बल्कि श्री चिश्ती की अनुशंसा पर टिमरनी के सक्रिय युवा बृजेश रिछारिया को हरदा जिला अध्यक्ष बनाकर अहम जिम्मेदारी सौंपी। कार्यक्रम में परिषद के राष्ट्रीय संयोजक नईम खान और श्री वेदांती के विश्वस्त सिपहसालार हमीद खान साहब भी मौजूद थे। इस दौरान नौसर के युवा जर्नलिस्ट प्रमिला अग्रवाल टोनी और हरदा के सीनियर जर्नलिस्ट प्रदीप शर्मा का भी सम्मान शाल-श्री फल भेंटकर किया गया। कार्यक्रम के गवाह बने दूरदराज से आए सम्मानित आंचलिक साथी पत्रकारगण।
खरगोन जिला इकाई के अध्यक्ष संतोष चंदेल ने स्वागत संबोधन में कहा कि प्रदेश स्तरीय इस अधिवेशन में हमारे सभी पत्रकार साथियों का यहां जमा होना गौरव की बात है। जिला इकाई इन सभी साथियों का स्वागत करते हुए काफी प्रसन्नता का अनुभव कर रही है।
वहीं प्रदेश संयोजक संजय शर्मा ने भी कहा कि हमने अल्प सूचना पर यह आयोजन यहां किया। इसमें सभी व्यवस्था करने का काम हमारे साथियों ने कुशलतापूर्वक किया। आज हमारा संगठन राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री वेदांती और संयोजक नईम खान व हमीद खान साहब की मौजूदगी से ऊर्जावान हुआ है।
प्रदेश अधिवेशन में श्री चिश्ती को राष्ट्रीय महामंत्री बनाए जाने पर सभी साथी पत्रकारों ने खुशी जताते हुए उन्हें पुष्पहार से उनका आत्मीय सम्मान किया। इस दौरान संबोधित करते हुए कहा कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष शुरू से ही पत्रकारों के हक की लड़ाई लड़ते आ रहे हैं। उनके नेतृत्व में पत्रकारों का यह संगठन वटवृक्ष का रूप ले रहा है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष के उद्गार –
खरगोन में हुए विशाल प्रदेश अधिवेशन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष वेदांती त्रिपाठी ने कहा कि आज हमें अपने पत्रकार साथियों को मजबूत बनाना है। देश व समाज के हितार्थ लगातार काम करते हुए उन्हें न तो कोई वेतन मिलता है। और न ही उनकी आय के कोई और साधन हैं। अपने कार्य के दौरान अंचल के इन सभी पत्रकार साथियों को तमाम माफिया से सामना करना पडता है। इस कारण जगह-जगह पत्रकारों को प्रताड़ित करने की घटनाएं सामने आती हैं। आज हमें संगठन के बैनर तले एकजुट होकर सरकार पर ‘पत्रकार सुरक्षा कानून’ बनाने का दबाव बनाना होगा। तभी हमारा पत्रकार सुरक्षित होकर कार्य कर सकेगा।
इस अधिवेशन में बड़ी संख्या में पत्रकार दूरदराज से आकर शामिल हुए।
