मतदाता जागरूकता : राजा हो या रंक, यहां सब हैं चौकीदार
कुछ तो आकर चले गए कुछ जाने को तैयार, होशियार ...

प्रदीप शर्मा संपादक हृदयभूमि
मित्रों, राजा और रंक फिल्म के इस गीत के बहाने आपस में हो जाए कुछ हमारी बातें।
याद है कुछ वर्ष पहले देश भर में एक मुहिम चली थी “मैं भी हूं चौकीदार”. मगर कालांतर में हम लोगों ने इसे भुला दिया।
– क्या आपको पता है कि लोकतंत्र के असली प्रहरी, असली ‘राजा’ कौन है। याद रखें वह आप ही हैं इस व्यवस्था के संचालक, लोकतंत्र के प्रहरी और नेता। यह वो ताकत है जो हर अमीर और गरीब को समान रूप से मिली है।
तो आएं न क्यों एक बार 17 नवंबर को वोट डालकर अपनी ताकत का जलवा दिखाएं।