
मदन गौर, बालागांव हरदा।
सदियों से मर्यादा पुरुषोत्तम राम आदर्श और मर्यादापूर्ण जीवन के प्रेरणास्रोत रहे हैं। साधु-संतों ने अनेक बार उनके गुणों और महिमा का बखान किया है। देश-विदेश में विभिन्न मंडलों द्वारा रामलीला का मंचन कर उनकी लीलाओं को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुति दी जाती है। इस क्रम में आदर्श रामलीला मंडल के तत्वावधान संगीतमय रामलीला की प्रस्तुति 8 जनवरी बुधवार से शुरू हुई है। ग्राम के सुनील पटेल के खलिहान में शंकर विवाह के साथ सात दिवसीय रामलीला का मंचन शुरू हुआ।इसकी पूर्णाहुति 15 जनवरी मंगलवार को होगी।

अभिनय और तकनीक का सामंजस्य-
राधेश्याम रामायण पर आधारित आदर्श रामलीला फुलड़ी के मंचन में अभिनय और तकनीकी का अभिनव सामंजस्य दिखाई देगा। रामलीला मंडल अध्यक्ष के निर्देशन में फुलड़ी के कलाकारों की शानदार अदाकारी देखने को मिलेगी। राधेश्याम रामायण पर आधारित तर्ज, अर्थ, छंद, बहरत, चबोला के बीच कलाकारों द्वारा प्रभावी मंचन किया जाएगा। इसमें ढोलक की थाप, मंजीरे की झंकार, हरमौनियम के स्वरों पर रामायण की चौपाई, गायन शैली आकर्षण का केंद्र रहेगी। इससे पहले मुख्य अतिथियों द्वारा रामलीला के सभी पात्रों के साथ लीला का शुभारंभ किया गया।
