#उत्तराखंड : आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को मिलेगी पेंशन
उत्तराखंड के बाद अन्य राज्यों में भी उठेगी मांग

देहरादून, उत्तराखंड।
उत्तराखंड की प्रदेश सरकार अपने राज्य में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को नए साल में बड़ी सौगात देने की तैयारी कर रही है। प्रदेश सरकार के इस ताजे फैसले को सुनकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं की खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा।
जानकारी के अनुसार यह सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को रिटायरमेंट के बाद हर माह 3000 रुपए पेंशन देने का ऐलान किया है। इस बात की जानकारी खुद महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने दी है। ऐसा बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर उच्च स्तरीय बैठक में चर्चा के बाद मुहर लगी है।
मंत्री रेखा आर्या ने बैठक में कहा कि प्रदेश रजत जयंती वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है और इस समय महिलाओं को सशक्त करने की दिशा में यह अहम कदम साबित होगा। पेंशन योजना के लिए बैठक में अफसरों ने तीन प्रस्ताव सामने रखे। इनमें प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, नेशनल पेंशन स्कीम और अटल पेंशन योजना के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं का अंशदान मिलाकर इस योजना को लागू किया जाएगा। तय किया गया कि इनमें से किसी एक योजना का चयन कर कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि यदि राज्य सरकार पेंशन योजना को लागू करती है तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को तीन हजार रुपये तक पेंशन मिल सकती है।
अन्य प्रदेशों में भी उठेगी मांग-
उत्तराखंड सरकार द्वारा दी जा रही इस सौगात पर अमल होने के बाद अन्य प्रदेशों में भी यह मांग जोर पकड़ेगी। इनके संगठन द्वारा वेतन वृद्धि और पेंशन देने के साथ नियमित करने की मांग की जाती रही है। इससे वहां की सरकारों के समक्ष भी धर्मसंकट उत्पन्न हो जाएगा। क्योंकि बड़े प्रदेशों में आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या अधिक है। यदि यहां भी इस मांग को लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका आंदोलन करने पर उतर गईं तो घाटे में चल रही सरकारें इसे किस तरह हल कर पाएंगी। फिलहाल तो उत्तराखंड की इस सौगात वाला मैसेज इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।