भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कुछ अतिरिक्त तनाव में हैं। चाहे-अनचाहे वे ऐसी बातें कहने लगे जो शायद लोग सुनने के लिए तैयार नहीं। यह तनाव बाहरी है या भीतरी कहना मुश्किल है। क्योंकि विपक्ष से कोई बड़ी चुनौती की उम्मीद नहीं है। यदि लाड़ली बहना वाला कार्ड चला तो आराम से भाजपा 20-25 सीटें आधिक निकालकर सरकार बना सकती है। सो मामला भीतरी लगता है।

अभी उन्होंने सीहोर के सातदेव में पातालेश्वर मंदिर में पूजन बाद आमसभा में सीधे जनता से पूछ लिया कि मैं चुनाव लड़ूं या नहीं। इसके पूर्व वे कह चुके हैं कि मैं चाहे रहूं या नहीं रहूं, मगर मेरी याद जरूर आएगी। सो लगता है कि कहीं कुछ गड़बड़ है। इस बार टिकट वितरण में सीधे-सीधे हाईकमान का दखल नजर आता है। वहीं जारी दोनों सूची में दिग्गज नेताओं के बीच उनकी टिकिट का ऐलान नहीं किया गया।