#भाजपा : 60% जिलाध्यक्षों का चुनाव नहीं हुआ और प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ तेज
सबसे आगे नरोत्तम, भूपेंद्रसिंह, अरविंद भदौरिया, हेमंत खंडेलवाल और फग्गन सिंह कुलस्ते के नाम

*प्रदीप शर्मा संपादक हृदयभूमि*
भाजपा में चल रही सांगठनिक चुनाव प्रक्रिया के बीच प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ तेज हो गई है, जबकि आपसी जोड़-तोड़ और उठापटक के चलते अभी जिलाध्यक्षों के चुनाव हाईकमान के पाले में अटके हैं। आपको बता दें – जारी चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 6 जनवरी तक जिलाध्यक्षों की चयन प्रक्रिया पूर्ण हो जानी थी मगर अभी भी 60 प्रतिशत जिलाध्यक्षों को हरी झंडी नहीं मिली है।
प्रदेश अध्यक्ष के लिए पार्टी में मंथन-
बहरहाल आधी-अधूरी चुनाव प्रक्रिया के बीच पार्टी में इन दिनों एक अदद सवाल बना हुआ है कि प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के बाद कौन बनेगा प्रदेश भाजपा का नया मुखिया। हर ओर एक ही सवाल है – क्या पार्टी में वरिष्ठता को स्थान मिलेगा अथवा हाईकमान किसी नए चेहरे की तलाश में है। यह प्रत्याशी किस वर्ग से होगा अथवा संगठन के इस चुनाव में किसी महिला नेत्री को वरीयता दी जाएगी।
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इनकी चर्चा है जोरों पर –
बहरहाल इस राजनीतिक गलियारे में अध्यक्ष पद के कई दावेदार सामने आ रहे हैं। इसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री नरोत्तम मिश्रा,भूपेंद्र सिंह, अरविंद भदौरिया, हेमंत खंडेलवाल और फग्गन सिंह कुलस्ते के साथ पूर्व मंत्री बृजेंद्र प्रताप सिंह, वर्तमान एससी मोर्चा अध्यक्ष लाल सिंह आर्य आदि के नाम चर्चा में हैं।
किन मापदंडों पर होगा चुनाव –
माना जा रहा है कि दल में स्थिरता व निरंतरता देने के लिए वरिष्ठता व अनुभव को प्राथमिकता दी जा सकती है। वहीं दूसरी ओर युवाओं को आकर्षित करने नए चेहरों पर भी गहन मंथन हो रहा है। इसके नतीजन कभी किसी का पलड़ा भारी तो किसी का हल्का हो जाता है। सूत्रों के अनुसार आरएसएस और मुख्यमंत्री मोहन यादव की प्राथमिकता सरकार और प्रशासन के बीच समन्वय बेहतर बनाना है।
*किसकी दावेदारी कितनी मजबूत*
*नरोत्तम मिश्रा –*पूर्व कैबिनेट मंत्री नरोत्तरी मिश्रा प्रमुख दावेदारों में से एक हैं।उन्होंने पिछली सरकारों में गृहमंत्री सहित विभिन्न विभागों को संभाला है। वे राजनीतिक और प्रशासनिक सूझबूझ के धनी हैं। श्री मिश्रा ने विपक्षी दलों के लगभग 8 लाख कार्यकर्ता व नेताओं का दलबदल कराने में महती भूमिका निभाई है। उन्हें एक साहसी नेता भी माना जाता है। वे मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस से अच्छी तरह हर मोर्चे पर निपट सकते हैं।
*भूपेंद्र सिंह –*
अध्यक्ष पद की दौड़ में राज्य में दूसरा बड़ा नाम भूपेंद्र सिंह हैं। वे भी इस पद के लिए एक और मजबूत दावेदार हैं। वे पिछली सरकारों में गृह विभाग संभाल चुके हैं। तथा वरिष्ठ विधायक हैं।
*हेमंत खंडेलवाल*
विधायक और पूर्व लोकसभा सदस्य हेमंत खंडेलवाल राज्य में संगठन के कई पदों पर रह चुके हैं। उन्हें भी इस दौड़ में आगे माना जा रहा है। उनका परिवार लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़ा हुआ है।
*फग्गन सिंह कुलस्ते*
सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते एक अनुभवी नेता हैं। उनकी आदिवासी इलाकों में अच्छी पकड़ है।
*अन्य दावेदार -*
यहां अध्यक्ष पद के लिए डॉ. राघवेंद्र शर्मा का नाम भी उभर सकता है। वे वर्तमान में पार्टी के राज्य कार्यालय मेंसचिव हैं। आरएसएस में उनके मजबूत समर्थन के कारण पार्टी का अंतिम निर्णय रणनीतिक संतुलन और राज्यों की जाति गतिशीलता को संबोधित करेगा।
महिला अध्यक्ष को प्राथमिकता-
एक संभावना यह भी बन रही है कि अध्यक्ष पद के लिए पार्टी द्वारा एक महिला को नियुक्त किया जा सकता है। इसमें अर्चना चिटनिस, उषा ठाकुर और रितू पाठक के नाम पर विचार किया जा सकता है।
*खत्म होने वाला है वीडी का कार्यकाल*
बहरहाल मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का कार्यकाल खत्म होने वाला है और उम्मीद है कि 13 जनवरी तक प्रदेश को नया अध्यक्ष मिल जाएगा।
