#क्राइम : कप्तान बदला, मगर टीम वही, फिर भी बड़ा बदलाव
#क्राइम : हरदा में अपराधों की कमी होने से लोगों को मिला सुकून

प्रदीप शर्मा हृदयभूमि हरदा।
टीम तो वही है दोस्तों, बस कप्तान बदलने से बड़ा परिवर्तन आ गया है। यह दिखाई देता है विभाग के उन आंकड़ों में जो पहले कभी नजर नहीं आए। सफलता भी इतनी बेशुमार की यहां खोए हुए सभी बच्चे वापस उनके घर लाए, और अपराध में कुछ मामूली कमी जरूर आई है।
बीता यह साल 2024, हरदा जिले की पुलिस के लिए उपलब्धियों भरा रहा। पुलिस विभाग के आंकड़े बयां करते हैं कि यहां हत्या, डकैती, लूट, बलात्कार एवं चोरी जैसे मामलों में कुछ कमी तो आई है।
आपको बता दें कि पुलिस दल ने गुम हुए सभी बच्चों ढूंढकर उनके परिजनों के हवाले कर प्रदेश में सफलता के मान से प्रथम पादान पाया है। जिले में अपराधों के ग्राफ में भी कुछ 15 फीसदी गिरावट दिखाई देती है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 की तुलना में हत्या में 22 प्रतिशत, डकैती में 100 प्रतिशत, लूट में 33 प्रतिशत, बलात्कार में 05 प्रतिशत, गृहभेदन एवं चोरी में 06 प्रतिशत व अन्य अपराधों में 16 प्रतिशत की कमी आई है। अपराधों में अंकुश लगाने के साथ जिला बदर की कार्यवाही भी अधिक की गई। गंभीर अपराधों के मामलों में भी पुलिस ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी कर विवेचना करके न्यायालय में शीघ्र चालान पेश किए हैं। यहां 2024 का साल भी महिला अपराधों के मामले में सुकून भरा रहा। अन्य अपराधों में भी कमी आई।
अन्य मामले भी महत्वपूर्ण –
समंस वारंटों की तामीली के अंतर्गत 3171 गिरफ्तार वारंट एवं 311 स्थाई वारंट तामील किए गए हैं। वर्ष 2024 में कुल 142 संपत्ति संबंधी घटित हुए अपराधों में चोरी गई कुल संपत्ति कीमती 8307519 रूपये में से आरापियों को गिरफ्तार कर संपत्ति कीमती 5330403 रूपये की बरामदगी की गई है। जिससे बरामदगी का प्रतिशत 64 रहा है।
एसपी अभिनव चौकसे ने बताया कि पुलिसिंग के लिहाज से यह साल काफी अच्छा रहा। लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न करना, सभी त्योहार शांतिपूर्ण संपन्न करना और महिला अपराध जैसे मामलों में कमी लाने में पुलिस कामयाब हुई। नए साल में भी इसी तरह बेहतर काम करने का प्रयास होगा।
रात्रि गश्त से अपराधों में कमी-
जिले एवं शहर में अपराधों एवं चोरियों की वारदातों को रोकने के लिए पुलिस अधीक्षक हरदा द्वारा नई व्यवस्था लागू कर पुलिस के साथ सशस्त्र बल के जवानों को भी रात्रि गश्त में लगाया। इसमें जवानों को रात्रि 11 बजे के बाद शहर में आने-जाने वाले व्यक्तियों के नाम, मोबाईल नम्बर, वाहन नम्बर एक रजिस्टर में दर्ज करते हैं, यदि कोई व्यक्ति संदेही प्रतीत होता है तो उस पर कार्यवाही हेतु तत्काल कंट्रोल रूम एवं पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी दी जाती है। इसकी सतत् मानिटरिंग वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाती है।
