
हृदयभूमि स्पेशल।
गुड बाॅय रतन टाटा,
मुंबई में जब राजकीय सम्मान के साथ टाटा ग्रुप के चैयरमैन पद्मविभूषण रतन टाटा को राजकीय सम्मान के साथ भावभीनी अंतिम विदाई दी गई, तब मौके पर उपस्थित सभी विशिष्टजनों की आंखें नम थी। वे एक ऐसी शख्सियत के मालिक थे जिन्होंने बिजनेस के साथ अपने पूरे देश के साथ नाता जोड़ा था।

उनकी नेक कमाई की यदि गिनती की जाए तो यह दुनियाभर के मिलेनियर्स पर भारी होगी। कोरोना काल में देश की आबादी को बचाने के लिए उन्होंने सबसे पहले आगे आकर भारत सरकार को 1500 करोड़ रुपए की मदद प्रदान की। वे न केवल मानव आबादी के प्रति आग्रही, बल्कि मूक प्राणियों के प्रति भी उनका लगाव था। उन्होंने मुंबई कुत्तों के इलाज हेतु पांच मंजिला अस्पताल बनवाकर इंसानी फर्ज की मिसाल पेश की। वे शायद दुनिया के ऐसे पहले बिजनेसमैन होंगे जिनके साथ आमजनता का ऐसा आत्मीय लगाव होगा।
गुड बाॅय रतन टाटा !