
हरदा। अंधेरीखेड़ा में अवैध उत्खनन की शिकायत पर कार्रवाई कर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल भोपाल ने पाथ इंडिया कंपनी (प्रकाश एस्फालटिंग एवं टोल हाईवे इंडिया लिमिटेड) पर 3 करोड़, 49 लाख, 74 हजार, 30 रुपए का जुर्माना कर प्रवृतन निदेशालय (ईडी) को जांच का आदेश दिया। अधिवक्ता अनिल जाट ने बताया कि कंपनी हाईवे निर्माण में पर्यावरण को क्षति पहुंचाकर भादूगांव, टेमागांव, अंधेरीखेड़ा में नियमविरुद्ध शासकीय जमीन, खेतीहर जमीन तथा गंजाल नदी में अवैध उत्खनन कर रही थी।

इस पर किसान कांग्रेस नेता केदार शंकर सिरोही, मोहन विश्नोई, हेमंत टाले के नेतृत्व में ग्रामीणों ने एक माह धरना दिया था। टेमागांव के किसान राजेश यादव, प्रेम नारायण किरार और सुखराम ने अधिवक्ता श्रीमती उर्वशी मिश्रा एवं आयुष गुप्ता के जरिए राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण में नेशनल हाईवे, हरदा कलेक्टर, पाथ इंडिया कंपनी, पर्यावरण प्रदूषण बोर्ड, खनिज विभाग के विरुद्ध याचिका 28/2023 लगाई थी। एनजीटी ने जांच कमेटी गठित कर सबूतों पर 19 अक्टूबर को साढ़े तीन करोड़ के जुर्माने का आदेश दिया है। कंपनी को यह राशि 3 माह में मध्यप्रदेश पर्यावरण प्रदूषण बोर्ड में जमा करनी होगी। यह जमा न करने पर आपराधिक प्रकरण कायम करने की भी कार्यवाही की जाएगी। पर्यावरण प्रदूषण अधिनियम 1986 के तहत कंपनी के विरुद्ध ईडी को जांच के आदेश दिए। साथ ही कंपनी के विरुद्ध धनशोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत कार्यवाही करने के आदेश दिए हैं।