लोकतंत्र में भी राजशाही को बढ़ावा दे रही कांग्रेस-भाजपा : मसकोले
जयश के स्वतंत्र प्रत्याशी रमेश मसकोले ने लगाए आरोप

टिमरनी। स्थानीय विधानसभा सीट पर नवोदित आदिवासी संगठन “जयश” के स्वतंत्र प्रत्याशी रमेश मसकोले ने दोनों प्रमुख दल कांग्रेस और भाजपा पर करारे प्रहार किए। मीडिया से उन्होंने कहा कि बीते आठ दशक में इन दलों ने न तो आदिवासियों का भला किया और न ही टिमरनी का विकास कर आमजनता को लाभ पहुंचाया।
जयश के प्रत्याशी रमेश मसकोले ने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र होने के बावजूद कांग्रेस और भाजपा यहां राजतंत्र को बढ़ावा दिया। इस सीट के रिजर्व होने के बाद भी इन दलों ने क्षेत्र के 68 हजार आदिवासियों की उपेक्षा कर एक ही घराने के चाचा-भतीजों को टिकिट दी है।
– टिमरनी में विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ। न तो यहां ढंग का बसस्टैंड बना। न ही शहर की ड्रेनेज व्यवस्था सुधरी। इस बेल्ट से राष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों ने नाम रोशन किया, मगर हमारे नेता अब तक एक खेल मैदान तक नहीं बनवा पाए। ग्रामीण अंचल में सड़कें बनी और न ही पहाड़ी नदियों पर ढंग के छोटे पुल या रपटे बने। गरीब तबके के लोगों से नेता मिलते नहीं। उन्होंने कहा कि यदि जयश को चुनाव में जीत मिली तो हम सभी तबके के हितों का ध्यान करेंगे।
*सबके समीकरण बिगाड़ेंगे मसकोले*
टिमरनी में जयश के निर्दलीय प्रत्याशी रमेश मसकोले एक गंभीर प्रत्याशी माने जा रहे हैं। मंडी में उन्होंने कर्मचारी संगठन अध्यक्ष रहते कर्मचारियों के हितों की लड़ाई लड़ी। इसके अलावा मंडी में रहकर किसानों के बीच अपनी पहचान बनाई। इधर जयश नामक संगठन भी आदिवासी बेल्ट में गहरी पैठ बनाई है। इस तरह मसकोले को टिमरनी में गंभीर प्रत्याशी माना जा रहा है।